राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) स्कूलों में एक से अधिक भाषाएं पढ़ाने में सक्षम शिक्षक तैयार करने के लिए बहुभाषी शिक्षक प्रशिक्षण मॉडल विकसित कर रही है। इस प्रस्तावित पहल के तहत स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) और शोध कार्यक्रमों से जुड़े विद्यार्थियों को भाषा दक्षता के साथ एक से अधिक भाषाएं पढ़ाने के लिए आवश्यक शिक्षण कौशल भी सिखाए जाने की योजना है।

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, प्रस्तावित कार्यक्रम का उद्देश्य भाषा शिक्षकों को केवल एक भाषा पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित करने की पारंपरिक व्यवस्था से आगे बढ़ना है। इस मॉडल के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न भाषाओं का ज्ञान हासिल करने के साथ उन्हें कक्षा में प्रभावी ढंग से पढ़ाने की शैक्षणिक क्षमता विकसित करने का अवसर मिल सकता है।

इस पहल के पीछे स्कूलों के सामने आने वाली एक व्यावहारिक चुनौती भी है। किसी स्कूल में किसी विशेष भारतीय भाषा को चुनने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम हो सकती है। ऐसी स्थिति में उस भाषा के लिए अलग शिक्षक नियुक्त करना मुश्किल हो जाता है। NCERT के अनुसार, बहुभाषी शिक्षक उपलब्ध होने से स्कूल प्रत्येक भाषा के लिए अलग शिक्षक नियुक्त किए बिना विद्यार्थियों को अधिक भाषाओं का विकल्प दे सकेंगे।

प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम में केवल इस बात पर ध्यान नहीं दिया जाएगा कि कोई प्रशिक्षु कई भाषाएं बोल सकता है या नहीं। इसके बजाय, यह भी सुनिश्चित करने पर जोर होगा कि उसके पास संबंधित भाषाओं को कक्षा में पढ़ाने के लिए पर्याप्त अकादमिक समझ और शिक्षण क्षमता हो। प्रशिक्षुओं को उन भाषाओं पर आवश्यक पकड़ प्रदर्शित करनी होगी, जिन्हें वे विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए तैयार किए जा रहे हैं।

हालांकि, कार्यक्रम के स्वरूप से जुड़े कई विवरण अभी तय किए जा रहे हैं। इनमें यह शामिल है कि एक शिक्षक को कितनी भाषाएं पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा और प्रत्येक भाषा में दक्षता का आवश्यक स्तर क्या होगा। NCERT ने अभी तक कार्यक्रम शुरू करने की तारीख और इसके क्रियान्वयन से जुड़ी अन्य जानकारियां स्पष्ट नहीं की हैं।

इसी बीच, NCERT ने मध्य स्तर पर विज्ञान शिक्षण के लिए एक ऑनलाइन डिप्लोमा कार्यक्रम भी शुरू किया है। यह पाठ्यक्रम कक्षा VI से VIII तक विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य विज्ञान विषय पर शिक्षकों की समझ मजबूत करने के साथ उनके शिक्षण कौशल को बेहतर बनाना है।

बहुभाषी शिक्षक प्रशिक्षण मॉडल के माध्यम से NCERT स्कूलों में भारतीय भाषाओं के विकल्प बढ़ाने और शिक्षकों को एक से अधिक भाषाएं पढ़ाने के लिए तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। कार्यक्रम की अंतिम रूपरेखा, प्रशिक्षण की भाषाओं और शुरुआत की तारीख का विवरण सामने आने के बाद इसके क्रियान्वयन की तस्वीर स्पष्ट होगी।

Pratahkal Bureau

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