जम्मू और कश्मीर स्टेट बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (JKBOSE) ने बुधवार को 12वीं कक्षा के वार्षिक नियमित (Annual Regular) परिणाम घोषित कर दिए हैं। शिक्षा जगत के लिए आज का दिन बेहद अहम रहा, क्योंकि भीषण प्राकृतिक चुनौतियों और शैक्षणिक सत्र में देरी के बावजूद छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 12वीं कक्षा में 85 प्रतिशत छात्रों ने सफलता हासिल की है, जो प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में एक सकारात्मक अध्याय को दर्शाता है।

सफलता के नए आयाम: 10वीं और 12वीं का रिपोर्ट कार्ड
जेकेबीओएसई के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि न केवल 12वीं, बल्कि 10वीं कक्षा के परिणामों में भी छात्रों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 10वीं कक्षा की वार्षिक नियमित परीक्षाओं में 84 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। यह परिणाम विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछला शैक्षणिक सत्र अनिश्चितताओं और प्राकृतिक आपदाओं से भरा रहा था। इन परिणामों ने यह साबित कर दिया है कि कश्मीर संभाग, जम्मू संभाग के विंटर जोन और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के छात्रों का मनोबल किसी भी परिस्थिति में कम नहीं हुआ है।

15% सिलेबस में छूट: एक राहत जिसने बदला परिणाम
गौरतलब है कि इस वर्ष के परिणामों के पीछे बोर्ड द्वारा दी गई एक बड़ी राहत का अहम योगदान रहा है। जेकेबीओएसई ने परीक्षाओं से पूर्व ही 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए पाठ्यक्रम (Syllabus) में 15 प्रतिशत की छूट की घोषणा की थी।

बोर्ड के निदेशक (अकादमिक) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह निर्णय स्कूली शिक्षा निदेशालय कश्मीर (DSEK) और जम्मू (DSEJ) की सिफारिशों पर लिया गया था। इसके अलावा, अन्य हितधारकों ने भी पाठ्यक्रम कम करने की अपील की थी। इसके पीछे मुख्य कारण इस वर्ष शैक्षणिक सत्र का देर से शुरू होना और भीषण गर्मी, मूसलाधार बारिश, बादल फटने और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण शैक्षणिक कैलेंडर में आया व्यवधान था।

आधिकारिक अधिसूचना और नियम
सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) द्वारा अनुमोदित अधिसूचना में स्पष्ट किया गया था कि कश्मीर संभाग, जम्मू संभाग के विंटर जोन और लद्दाख के जो छात्र आगामी वार्षिक नियमित 2025 परीक्षा में शामिल होंगे, उन्हें केवल 85 प्रतिशत अंकों का प्रश्नपत्र हल करना था। नियमों के तहत, इन 85 प्रतिशत अंकों को ही 100 प्रतिशत मानकर परिणाम तैयार किए गए हैं। इस प्रकार छात्रों को पाठ्यक्रम में सीधे तौर पर 15 प्रतिशत की छूट का लाभ मिला।

इन परिणामों की घोषणा के साथ ही हजारों छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो गया है। कठिन भौगोलिक और मौसमी परिस्थितियों के बीच 84% और 85% उत्तीर्ण प्रतिशत हासिल करना जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के छात्रों की अदम्य इच्छाशक्ति को दर्शाता है। यह परिणाम न केवल छात्रों की मेहनत का फल है, बल्कि प्रशासन द्वारा समय पर लिए गए छात्र-हितैषी निर्णयों की भी जीत है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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