आजकल की दुनिया में हर कोई बस रद्दी डिग्रियों के पीछे भाग रहा है, लेकिन असली पैसा और डिमांड वहां है जहां आपके हाथों का हुनर बोलता है। सोचिए, गगनचुंबी इमारतों से लेकर समंदर में चीरते बड़े जहाजों और अंतरिक्ष में जाने वाले रॉकेट्स तक, इन सबको जोड़ने का असली काम एक वेल्डिंग एक्सपर्ट ही करता है। यह फील्ड सिर्फ लोहे के दो टुकड़ों को जोड़ना नहीं है, बल्कि यह पूरी इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री की बैकबोन है। अगर आपको मशीनों के साथ खेलना पसंद है और आप बोरिंग डेस्क जॉब के बजाय रियल लाइफ में कुछ सॉलिड बनाना चाहते हैं, तो यह करियर आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट वाइब सेट करेगा। सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें आपको सालों-साल थ्योरी नहीं रटनी पड़ती, बल्कि पहले दिन से ही आपको प्रैक्टिकल मशीनें और टूल्स हैंडल करने का मौका मिलता है, जो आपको बहुत कम उम्र में ही आत्मनिर्भर और कॉन्फिडेंट बना देता है।अगर आपने अपनी 10वीं की परीक्षा कम से कम 40% से 50% मार्क्स के साथ पास कर ली है, तो आप बिना किसी देरी के इस सुपर-फास्ट करियर ट्रैक पर आ सकते हैं। यहां स्ट्रीम का कोई लफड़ा नहीं है—चाहे आप आर्ट्स बैकग्राउंड से हों या कॉमर्स से, आप आईटीआई के जरिए इस प्रोफेशनल कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। बस आपकी सेहत अच्छी होनी चाहिए और फोकस पावर एकदम तगड़ी, क्योंकि यहां आपकी एक छोटी सी चूक बड़े-बड़े स्ट्रक्चर्स की मजबूती को हिला सकती है। भारत में ज्यादातर सरकारी आईटीआई में एडमिशन आपकी 10वीं की मेरिट के बेस पर सीधा हो जाता है, जिससे आपको भारी-भरकम एंट्रेंस एग्जाम्स का टेंशन नहीं लेना पड़ता। इसके फॉर्म आमतौर पर जुलाई-अगस्त के आसपास निकलते हैं, इसलिए आपको बस अपने स्टेट काउंसलिंग की वेबसाइट पर नजर रखनी होती है और अपने डॉक्यूमेंट्स रेडी रखने होते हैं।यह कोर्स आमतौर पर सिर्फ एक साल का होता है जिसमें दो सेमेस्टर होते हैं, यानी आप महज 12 महीनों में मार्केट के लिए तैयार हो जाते हैं। इस छोटे से टाइम फ्रेम में आप ट्रेड थ्योरी और इंजीनियरिंग ड्राइंग से लेकर गैस कटिंग जैसी कूल चीजें बारीकी से सीखते हैं। इतना ही नहीं, आप टीआईजी और एमआईजी जैसी हाई-एंड वेल्डिंग तकनीकों में मास्टर बन जाते हैं जो आज की मॉडर्न इंडस्ट्री की पहली जरूरत हैं। अगर आप इसके बाद और आगे बढ़ना चाहते हैं, तो आप मैकेनिकल इंजीनियरिंग में तीन साल का डिप्लोमा भी कर सकते हैं, जिससे आपके करियर की ग्रोथ और भी तेज हो जाएगी। कोर्स खत्म होते ही आपके सामने जॉब्स की लंबी लाइन लग जाती है क्योंकि स्किल्ड वेल्डर्स की कमी हर जगह है।नौकरी की बात करें तो आप रेलवे, भेल, सेल और ओएनजीसी जैसे बड़े सरकारी डिपार्टमेंट्स में परमानेंट जॉब पा सकते हैं या फिर टाटा मोटर्स और मारुति सुजुकी जैसी टॉप प्राइवेट कंपनियों में अपना जलवा दिखा सकते हैं। पाइप वेल्डर से लेकर गहरे समंदर में काम करने वाले अंडरवाटर वेल्डर बनने तक के एडवेंचरस ऑप्शंस आपके पास हमेशा खुले रहते हैं। पैसों के मामले में एक फ्रेशर के तौर पर आप महीने के 15,000 से 25,000 रुपये तक आराम से कमाना शुरू कर देते हैं, लेकिन असली गेम तब शुरू होता है जब आपके पास थोड़ा एक्सपीरियंस आ जाता है। तब आपकी सैलरी 60,000 रुपये महीने या उससे भी ऊपर पहुंच सकती है। और हां, अगर आप दुबई जैसे खाड़ी देशों या यूरोप जाने का प्लान बनाते हैं, तो वहां तो इंडियन वेल्डिंग एक्सपर्ट्स को लाखों का पैकेज मिलता है।आने वाले समय में जैसे-जैसे स्मार्ट सिटीज और रोबोटिक वेल्डिंग का दौर बढ़ेगा, इस काम की वैल्यू और भी ज्यादा बढ़ जाएगी। यह एक ऐसा एवरग्रीन करियर है जो कभी पुराना नहीं होगा, बशर्ते आप नई मशीनों और टेक्नोलॉजी को सीखने के लिए हमेशा तैयार रहें। बेशक हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, इस काम में भी गर्मी और तेज रोशनी के बीच काम करना थोड़ा चैलेंजिंग हो सकता है, इसीलिए सेफ्टी गियर्स और पीपीई किट पहनना बहुत जरूरी है। यह कड़ी मेहनत वाला काम है, लेकिन इसका रिवॉर्ड और सुकून भी उतना ही बड़ा है। अगर आप खुद का वर्कशॉप खोलकर अपना बॉस बनना चाहते हैं, तो यह कोर्स आपको वह आजादी भी देता है। बस अपनी फिजिकल स्ट्रेंथ को पहचानिए और इस शानदार जर्नी की शुरुआत कीजिए, क्योंकि इस फील्ड में आप जितनी ज्यादा प्रैक्टिस करेंगे, आपकी मार्केट वैल्यू उतनी ही बढ़ती जाएगी।

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Pratahkal Newsroom

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