आज के दौर में जब हर कोई सिर्फ किताबी ज्ञान के पीछे भाग रहा है, तब स्मार्ट स्टूडेंट्स उन स्किल्स पर दांव लगा रहे हैं जिनकी डिमांड ग्लोबल मार्केट में कभी खत्म नहीं होने वाली। जरा सोचिए, दुनिया की बड़ी-बड़ी मशीनें, ऑटोमोबाइल प्लांट्स और यहाँ तक कि अंतरिक्ष में जाने वाले रॉकेट्स को असेंबल करने का जिम्मा आखिर किन जादुई हाथों पर होता है? यह सारा कमाल फिटर ट्रेड के उन टेक्नीशियंस का है जो मशीनों के पुर्जों को सटीक तरीके से सेट करते हैं। यह एक ऐसा दमदार करियर है जो आपको 10वीं पास करते ही सीधे इंडस्ट्री का हिस्सा बना देता है। अगर आपको टूल्स के साथ काम करना और नई चीजें बनाना पसंद है, तो यकीन मानिए कि यह फील्ड आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट है क्योंकि यहाँ आपकी मेहनत और काम ही आपकी असली पहचान बनती है।

इस करियर की सबसे कूल बात यह है कि इसकी पढ़ाई में आपको घंटों एक जगह बैठकर थ्योरी नहीं रटनी पड़ती। आईटीआई के जरिए होने वाला यह 2 साल का फिटर कोर्स पूरी तरह से प्रैक्टिकल नॉलेज पर बेस्ड है, जहाँ आप अपना 70% समय वर्कशॉप में मशीनों के साथ बिताते हैं। इस दौरान आप लेथ मशीन चलाना, ड्रिलिंग, वेल्डिंग और मेटल्स को जोड़कर कुछ नया क्रिएट करना सीखते हैं। इस कोर्स में एंट्री लेना बहुत आसान है क्योंकि इसमें एडमिशन के लिए बस आपका 10वीं पास होना जरूरी है। अगर आपको स्कूल में मैथ और साइंस के बेसिक कॉन्सेप्ट्स अच्छे लगते थे, तो आप इस ट्रेड के 4 सेमेस्टर्स के दौरान इंजीनियरिंग ड्राइंग और वर्कशॉप कैलकुलेशन जैसे मजेदार सब्जेक्ट्स को बहुत आसानी से समझ लेंगे और अपनी क्लास में सबसे आगे रहेंगे।

प्रवेश प्रक्रिया की बात करें तो यह बहुत ही सिंपल और किफायती है क्योंकि भारत के लगभग हर छोटे-बड़े जिले में सरकारी आईटीआई और प्राइवेट कॉलेजेस मौजूद हैं। सरकारी कॉलेजों में एडमिशन या तो आपकी 10वीं की मेरिट के आधार पर होता है या फिर एक छोटा सा एंट्रेंस एग्जाम लिया जाता है, जिसके फॉर्म हर साल जून से अगस्त के बीच निकलते हैं। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि सरकारी संस्थानों में फीस न के बराबर होती है, जिससे आप बहुत कम खर्च में एक ऐसी प्रोफेशनल डिग्री हासिल कर लेते हैं जिसकी वैल्यू इंटरनेशनल लेवल पर है। बस ध्यान रखें कि हमेशा एनसीवीटी या एससीवीटी से मान्यता प्राप्त कॉलेज ही चुनें ताकि आपके सर्टिफिकेट की वैल्यू बनी रहे और आगे की राह आसान हो जाए।

एक बार जब आप अपना कोर्स पूरा कर लेते हैं, तो समझिए कि जॉब मार्केट में आपके लिए अवसरों की बाढ़ आ जाती है। रेलवे, भेल, ओएनजीसी और डिफेंस जैसी बड़ी सरकारी संस्थाओं में फिटर के लिए हमेशा वेकेंसी निकली रहती है, जहाँ शुरुआती सैलरी ही 25,000 से 35,000 रुपये तक मिल सकती है। इसके अलावा प्राइवेट सेक्टर की दिग्गज कंपनियां जैसे टाटा मोटर्स और मारुति सुजुकी भी स्किल्ड फिटर को हाथों-हाथ रिक्रूट करती हैं। शुरुआत में आप 15,000 से 18,000 रुपये महीना कमा सकते हैं, लेकिन जैसे-जैसे आपका तजुर्बा बढ़ता है, यह इनकम 50,000 के पार पहुँच जाती है। सबसे एक्साइटिंग बात तो यह है कि गल्फ कंट्रीज और विदेशों में इन टेक्नीशियंस की इतनी ज्यादा डिमांड है कि वहाँ लाखों के पैकेज मिलना बहुत ही आम बात है।

आने वाला समय 'मेक इन इंडिया' का है, जिसका सीधा मतलब है कि देश में ढेर सारी नई फैक्ट्रियां और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगेंगी। दुनिया चाहे कितनी भी डिजिटल हो जाए, लेकिन मशीनों को फिट करने और उनकी मेंटेनेंस के लिए हमेशा काबिल इंसानी हाथों और दिमाग की जरूरत रहेगी। इस काम में थोड़ी शारीरिक मेहनत और वर्कशॉप का शोर जरूर होता है, लेकिन अगर आप एक स्टेबल करियर और भविष्य में खुद का बिजनेस शुरू करने का सपना देखते हैं, तो यह आपके लिए सबसे बेस्ट चॉइस है। बस अपनी स्किल्स को लगातार निखारते रहें और कोर्स के बाद एक बार अप्रेंटिसशिप सर्टिफिकेट जरूर ले लें, फिर आपके लिए तरक्की के सारे दरवाजे हमेशा के लिए खुल जाएंगे।

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Pratahkal Newsroom

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