IIT बॉम्बे ने 2027 तक अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित SUNY ओल्ड वेस्टबरी में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय सब-कैंपस स्थापित करने की घोषणा की है। इस कैंपस में शुरुआत सर्टिफिकेट और एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम से होगी, बाद में B.Tech, मास्टर्स और PhD पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे ने वैश्विक शिक्षा जगत में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। संस्थान ने अमेरिका में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय सब-कैंपस स्थापित करने की घोषणा की है, जो वर्ष 2027 से शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करेगा। यह कैंपस न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड स्थित स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क (SUNY) ओल्ड वेस्टबरी परिसर में स्थापित किया जाएगा। इस पहल को IIT बॉम्बे की वैश्विक विस्तार रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है, जो भारतीय उच्च शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर IIT बॉम्बे और SUNY ओल्ड वेस्टबरी के बीच न्यूयॉर्क में एक लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता केवल छात्र विनिमय कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और फैकल्टी विकास के क्षेत्र में दीर्घकालिक शैक्षणिक साझेदारी स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया है। दोनों संस्थान मिलकर अमेरिका में IIT बॉम्बे की पहली शैक्षणिक उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे, SUNY ओल्ड वेस्टबरी में इंजीनियरिंग शिक्षा को विकसित करेंगे, उभरती हुई तकनीकों पर संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देंगे, फैकल्टी और छात्रों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करेंगे तथा भारत और अमेरिका के बीच शिक्षा एवं नवाचार सहयोग को और मजबूत बनाएंगे।

IIT बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय कैंपस में पहली शैक्षणिक गतिविधियां वर्ष 2027 में शुरू होने की उम्मीद है। संस्थान इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से विकसित करेगा ताकि शुरुआत से ही उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षणिक मानकों को बनाए रखा जा सके। पहले चरण में अल्पकालिक सर्टिफिकेट प्रोग्राम, एग्जीक्यूटिव एजुकेशन और प्रोफेशनल ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके बाद आगामी चरणों में पूर्णकालिक स्नातक (B.Tech समकक्ष), मास्टर्स तथा पीएचडी और शोध कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। संस्थान ने स्पष्ट किया है कि सभी डिग्री कार्यक्रमों को पूरी तरह शुरू होने में प्रारंभिक लॉन्च के बाद कुछ अतिरिक्त समय लगेगा।

इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा यह भी है कि अमेरिका स्थित IIT बॉम्बे कैंपस में प्रवेश के लिए JEE Advanced परीक्षा अनिवार्य नहीं होगी। भारत के IIT परिसरों के विपरीत, इस कैंपस के लिए अलग प्रवेश प्रक्रिया तैयार की जाएगी, जो अंतरराष्ट्रीय छात्रों और कार्यरत पेशेवरों की आवश्यकताओं के अनुरूप होगी। हालांकि, पात्रता मानदंड और प्रवेश प्रक्रिया का विस्तृत विवरण अभी जारी किया जाना बाकी है।

शिक्षण व्यवस्था की बात करें तो शुरुआती चरण में IIT बॉम्बे के मुंबई परिसर के फैकल्टी सदस्य अमेरिका स्थित कैंपस में पढ़ाएंगे। उनके साथ SUNY ओल्ड वेस्टबरी के शिक्षकों की भी भागीदारी होगी। दोनों संस्थानों के बीच संयुक्त शिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके। इस व्यवस्था का उद्देश्य IIT बॉम्बे के शैक्षणिक मानकों को बनाए रखते हुए वैश्विक जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित करना है।

SUNY ओल्ड वेस्टबरी को इस परियोजना के लिए चुनने के पीछे भी महत्वपूर्ण कारण हैं। वर्तमान में इस विश्वविद्यालय में मजबूत इंजीनियरिंग इकोसिस्टम मौजूद नहीं है। ऐसे में IIT बॉम्बे यहां इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी आधारित कार्यक्रमों के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। दोनों संस्थान संयुक्त रूप से आधुनिक प्रयोगशालाएं और अनुसंधान सुविधाएं विकसित करेंगे, जिससे छात्रों को दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा और शोध के नए अवसर भी पैदा होंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल कई मायनों में ऐतिहासिक है। यह IIT बॉम्बे का पहला विदेशी कैंपस होगा, जो संस्थान की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। इससे भारत और अमेरिका के बीच उच्च शिक्षा सहयोग को मजबूती मिलेगी, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अंतरराष्ट्रीयकरण के लक्ष्य को गति मिलेगी और ऐसे अंतरराष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित किया जा सकेगा जो भारत आए बिना IIT की गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी इस साझेदारी का स्वागत करते हुए इसे भारत और अमेरिका के बीच उच्च शिक्षा, इंजीनियरिंग अनुसंधान और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया है। IIT बॉम्बे की यह पहल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के वैश्विक विस्तार की व्यापक रणनीति का हिस्सा भी मानी जा रही है। इससे पहले IIT मद्रास ने तंजानिया के जांज़ीबार में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय कैंपस स्थापित किया था। अब अमेरिका में IIT बॉम्बे का नया सब-कैंपस भारतीय तकनीकी शिक्षा की वैश्विक प्रतिष्ठा को और मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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