आजकल की दुनिया में सिर्फ किताबी ज्ञान और रट्टामार पढ़ाई से काम नहीं चलता, क्योंकि असली पैसा और टशन तो अब वहां है जहां आप अपनी क्रिएटिविटी का जलवा दिखा सकें। जरा सोचिए, लोग अब सिर्फ कपड़े पहनने के लिए नहीं बल्कि अपना स्टेटस दिखाने के लिए खरीदते हैं, और सिर्फ घरों में रहने के बजाय अपनी पसंद की खास 'वाइब' वाले स्पेस को एन्जॉय करना चाहते हैं। यही वजह है कि 10वीं या 12वीं पास करने के बाद फैशन या इंटीरियर डिजाइनिंग में डिप्लोमा करना एक बहुत बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह फील्ड उन यंगस्टर्स के लिए बिल्कुल परफेक्ट है जो बोरिंग डेस्क जॉब से नफरत करते हैं और हर दिन कुछ नया और हटकर करना चाहते हैं। चाहे आपको लेटेस्ट ट्रेंड्स के साथ एक्सपेरिमेंट करना पसंद हो या किसी खाली कमरे को लग्जरी लुक देना, यह कोर्सेज आपको बहुत ही कम उम्र में बड़ी इंडस्ट्री के लिए तैयार कर देते हैं।अगर आप सोच रहे हैं कि इस ग्लैमरस दुनिया में एंट्री कैसे मिलती है, तो यह प्रोसेस बहुत ही सिंपल और फ्लेक्सिबल है। आपने अपनी स्कूली पढ़ाई किसी भी स्ट्रीम यानी आर्ट्स, कॉमर्स या साइंस से कम से कम 45-50% मार्क्स के साथ पूरी की है, तो आप इस करियर की शुरुआत कर सकते हैं। ये डिप्लोमा कोर्सेज आमतौर पर 1 से 2 साल के होते हैं, जहां आपको भारी-भरकम किताबों के बोझ के बजाय प्रैक्टिकल वर्कशॉप्स, लाइव प्रोजेक्ट्स और मार्केट विजिट्स के जरिए प्रोफेशनल काम सिखाया जाता है। फैशन के स्टूडेंट्स यहां फैब्रिक और गारमेंट मेकिंग की बारीकियां समझते हैं, तो वहीं इंटीरियर के स्टूडेंट्स ऑटोकैड और स्केचअप जैसे कूल सॉफ्टवेयर्स पर 3D डिजाइन बनाना सीखते हैं। वैसे तो कई कॉलेज डायरेक्ट एडमिशन दे देते हैं, लेकिन अगर आप निफ्ट और एनआईडी जैसे टॉप सरकारी संस्थानों में जाना चाहते हैं, तो बस एक एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करना होता है।इस करियर की सबसे खास बात यह है कि यहां सिर्फ आपकी डिग्री की नहीं, बल्कि आपकी 'क्रिएटिव आई' और विजुअलाइजेशन की वैल्यू सबसे ज्यादा होती है। अगर आपको रंगों की अच्छी समझ है और आप क्लाइंट की जरूरतों को समझकर उन्हें स्केच के जरिए अपना आइडिया समझा सकते हैं, तो समझ लीजिए कि आप कामयाबी की रेस में सबसे आगे हैं। कोर्स के दौरान आपको कलर थ्योरी से लेकर मार्केटिंग तक सब कुछ सिखाया जाता है ताकि आप सिर्फ एक एम्प्लोयी बनकर न रह जाएं, बल्कि खुद का ब्रांड शुरू करने वाले एक काबिल एंटरप्रेन्योर बन सकें। आज के दौर में हर कोई यूनिक दिखना चाहता है और हर छोटे-बड़े घर को एक प्रोफेशनल टच की जरूरत है, इसलिए मार्केट में आपकी डिमांड कभी कम नहीं होने वाली।करियर ऑप्शंस की बात करें तो यहां स्कोप का समंदर बहुत बड़ा है। आप एक फैशन स्टाइलिस्ट, मर्चेंडाइजर, या टेक्सटाइल डिजाइनर बन सकते हैं, या फिर इंटीरियर की फील्ड में रेजिडेंशियल और कमर्शियल डिजाइनर के तौर पर धमाल मचा सकते हैं। यही नहीं, बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री और बड़े इवेंट्स में भी क्रिएटिव डिजाइनर्स की हमेशा भारी डिमांड रहती है। कमाई के मामले में भी यह फील्ड काफी तगड़ी है जहां शुरुआत में ही आप आसानी से 20,000 से 35,000 रुपये महीने कमा सकते हैं। जैसे-जैसे आपका पोर्टफोलियो स्ट्रॉन्ग होता है और आपका एक्सपीरियंस बढ़ता है, आप सालाना 12 लाख रुपये तक का पैकेज आराम से उठा सकते हैं, और फ्रीलांसिंग में तो कमाई की कोई फिक्स लिमिट ही नहीं है।भविष्य की तरफ देखें तो आने वाला जमाना सस्टेनेबल फैशन और स्मार्ट होम्स का है, जहां प्रोफेशनल डिजाइनर्स की फीस और इज्जत दोनों लगातार बढ़ रही है। हालांकि इस फील्ड में कॉम्पिटिशन काफी है और डेडलाइन्स का प्रेशर भी रहता है, लेकिन अगर आप अपने काम के प्रति पैशनेट हैं, तो ये चुनौतियां आपको और भी बेहतर बनाएंगी। आपके पास पर्ल एकेडमी और एमिटी जैसी टॉप प्राइवेट यूनिवर्सिटीज से लेकर सरकारी पॉलिटेक्निक तक एडमिशन लेने के कई बेहतरीन चॉइसेज मौजूद हैं। तो अगर आपमें कुछ नया क्रिएट करने का जुनून है, तो बस एक अच्छा पोर्टफोलियो तैयार कीजिए और इस एक्साइटिंग सफर पर निकल पड़िए, क्योंकि यहां आपकी इमेजिनेशन ही आपका असली करियर है।

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Pratahkal Newsroom

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