इंजीनियरिंग छात्रों के लिए खुशखबरी! केंद्र सरकार प्रगति, सक्षम और सेंट्रल सेक्टर योजनाओं के तहत पढ़ाई के लिए हर साल ₹50,000 तक की स्कॉलरशिप दे रही है।

Government scholarship for engineering students in India : देश में तकनीकी और इंजीनियरिंग शिक्षा का सपना देखने वाले उन लाखों युवाओं के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है, जिनके हौसलों के आगे आर्थिक तंगी दीवार बनकर खड़ी हो जाती है। केंद्र सरकार और विभिन्न सरकारी संस्थानों ने आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों के सपनों को पंख देने के लिए कई बेहतरीन स्कॉलरशिप योजनाओं की शुरुआत की है। इन सरकारी पहलों के तहत पात्र छात्रों को सालाना 10 हजार रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक की मोटी वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है, ताकि कोई भी होनहार प्रतिभा पैसे के अभाव में कॉलेज जाने से न छूटे।

तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) की प्रगति स्कॉलरशिप योजना आज के समय में देश की बेटियों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना का मुख्य फोकस लड़कियों को तकनीकी शिक्षा के प्रति आकर्षित और आत्मनिर्भर बनाना है। इसके अंतर्गत इंजीनियरिंग डिग्री या डिप्लोमा कोर्स के प्रथम वर्ष में दाखिला लेने वाली छात्राओं को हर साल 50 हजार रुपये की बड़ी आर्थिक मदद दी जाती है, जिसका उपयोग वे अपनी भारी-भरकम ट्यूशन फीस, महंगी किताबें और अन्य जरूरी शैक्षणिक खर्चों को पूरा करने के लिए कर सकती हैं।

इसी तरह समाज के विशेष रूप से सक्षम यानी दिव्यांग छात्रों के हौसलों को उड़ान देने के लिए एआईसीटीई द्वारा 'सक्षम स्कॉलरशिप योजना' संचालित की जा रही है। इस विशेष योजना का लाभ देश के वे होनहार छात्र उठा सकते हैं जिनकी दिव्यांगता का स्तर 40 प्रतिशत या उससे अधिक प्रमाणित है। सरकार ऐसे विद्यार्थियों को उच्च और तकनीकी शिक्षा के दौरान आने वाले खर्चों, अध्ययन सामग्री और सहायक उपकरणों की खरीद के लिए प्रति वर्ष 50 हजार रुपये तक की सहायता राशि मुहैया कराती है, जिससे उनकी राह बेहद आसान हो जाती है।

मेधावी छात्रों की प्रतिभा को सम्मान देने के लिए भारत सरकार की 'सेंट्रल सेक्टर स्कीम ऑफ स्कॉलरशिप' भी एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है। इस राष्ट्रीय स्तर की योजना का लाभ उठाने के लिए छात्रों का अपनी 12वीं कक्षा में न्यूनतम 80 परसेंटाइल या उससे अधिक अंक लाना अनिवार्य है। इस कठोर पात्रता को पार करने वाले और इंजीनियरिंग सहित विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले देश के टॉपर्स छात्रों को सरकार की ओर से सालाना 10 हजार रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक की स्कॉलरशिप प्रदान की जाती है, जो उनके कॉलेज के दैनिक खर्चों में बड़ा संबल बनती है।

सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा 'पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप' का एक विस्तृत नेटवर्क भी चलाया जा रहा है। यह योजना विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसके माध्यम से छात्रों के शैक्षणिक शुल्क की प्रतिपूर्ति की जाती है और उनके रहने-खाने के खर्चों में भी सरकारी मदद दी जाती है, जिससे वंचित वर्ग के युवाओं के लिए भी देश के शीर्ष इंजीनियरिंग कॉलेजों के दरवाजे खुल गए हैं।

इन तमाम महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी सरकारी स्कॉलरशिप योजनाओं का लाभ उठाने की प्रक्रिया को अब पूरी तरह से पारदर्शी और डिजिटल बना दिया गया है। इच्छुक और पात्र छात्रों को सबसे पहले सरकार के आधिकारिक राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर जाकर अपना वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करना होता है, जहां पहचान सत्यापन के लिए जरूरी दस्तावेज अनिवार्य किए गए हैं। इस डिजिटल पंजीकरण के बाद छात्र अपनी शैक्षणिक योग्यता और श्रेणी के अनुसार पोर्टल पर उपलब्ध विभिन्न लाइव योजनाओं को देख सकते हैं और सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकार की इन कल्याणकारी योजनाओं ने देश के कोने-कोने में छिपी प्रतिभाओं को यह भरोसा दिया है कि यदि उनमें आगे बढ़ने की चाह है, तो गरीबी उनकी राह का रोड़ा कभी नहीं बनेगी।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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