आज के दौर में अगर आप अपने आसपास नजर घुमाएं, तो बिना बिजली के जिंदगी की कल्पना करना भी नामुमकिन लगता है। आपके हाथ में मौजूद लेटेस्ट स्मार्टफोन से लेकर घर में लगे स्मार्ट एसी और सड़कों पर साइलेंटली दौड़ती इलेक्ट्रिक कारों तक, हर जगह एक स्मार्ट इलेक्ट्रिशियन का दिमाग और हुनर ही जादू बिखेर रहा है। यह फील्ड उन युवाओं के लिए एकदम परफेक्ट है जो सिर्फ किताबों में सिर नहीं खपाना चाहते, बल्कि मशीनों को खोलकर उनकी गुत्थी सुलझाने और अपने हाथों से कुछ नया क्रिएट करने का शौक रखते हैं। जिस तरह से आज स्मार्ट सिटीज और ग्रीन एनर्जी का बोलबाला बढ़ रहा है, उसे देखकर यह साफ है कि एक ट्रेंड प्रोफेशनल की डिमांड कभी खत्म नहीं होने वाली।

इस करियर की सबसे अच्छी बात यह है कि आपको इसमें एंट्री करने के लिए सालों का इंतजार नहीं करना पड़ता, बल्कि आप 10वीं पास करते ही अपनी प्रोफेशनल जर्नी शुरू कर सकते हैं। अगर आपके 10वीं में 45% से 50% मार्क्स भी हैं, तो आप किसी भी सरकारी या प्राइवेट आईटीआई कॉलेज में 2 साल के सर्टिफिकेट कोर्स के लिए अप्लाई करने के हकदार हैं, वहीं 3 साल का पॉलिटेक्निक डिप्लोमा भी आपके लिए एक शानदार विकल्प साबित हो सकता है। एडमिशन का प्रोसेस भी बेहद सिंपल रखा गया है, जिसमें कई सरकारी कॉलेजों में 10वीं के मार्क्स के आधार पर मेरिट लिस्ट बनती है या फिर एक छोटा सा एंट्रेंस एग्जाम देना होता है, जबकि प्राइवेट संस्थानों में तो आप डायरेक्ट एडमिशन लेकर अपनी पढ़ाई शुरू कर सकते हैं।

इस कोर्स के दौरान आपको किसी बंद कमरे में बैठकर बोरिंग थ्योरी नहीं रटनी पड़ती, बल्कि सब कुछ बिल्कुल प्रैक्टिकल और मजेदार होता है। आप हाउस वायरिंग की बारीकियां, मोटर रिपेयरिंग का हुनर, ट्रांसफार्मर के काम करने का तरीका और बड़े-बड़े पावर पैनल बोर्ड्स को डिजाइन करना बहुत ही करीब से सीखते हैं। इस एडवेंचरस करियर में आगे बढ़ने के लिए आपको बस थोड़ा सा अलर्ट रहना पड़ता है और कलर्स की अच्छी पहचान होनी चाहिए ताकि आप तारों के उस उलझे हुए जाल को आसानी से समझ सकें। जो स्टूडेंट्स रट्टा मारने के बजाय चीजों को रिपेयर करने में मजा लेते हैं, उनके लिए यह 2 से 3 साल का समय किसी शानदार ट्रेनिंग कैंप जैसा होता है।

जैसे ही आपकी पढ़ाई पूरी होती है, मार्केट में आपके लिए नौकरियों की लंबी लाइन लग जाती है क्योंकि हर सेक्टर को एक कुशल इलेक्ट्रिशियन की जरूरत होती है। आप भारतीय रेलवे, पीडब्ल्यूडी और बिजली विभाग जैसे सरकारी विभागों में पक्की नौकरी का सपना पूरा कर सकते हैं या फिर टाटा और रिलायंस जैसी दिग्गज प्राइवेट कंपनियों में मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बन सकते हैं। करियर की शुरुआत में आप ₹12,000 से ₹18,000 तक आसानी से कमा सकते हैं, लेकिन जैसे-जैसे आपका तजुर्बा बढ़ता है और हाथ साफ होता जाता है, यह सैलरी ₹40,000 के आंकड़े को भी पार कर जाती है। सबसे बड़ी फ्लैक्सिबिलिटी तो यह है कि आप अपनी खुद की शॉप खोलकर या फ्रीलांसिंग करके अपनी शर्तों पर काम कर सकते हैं और लाखों में कमाई कर सकते हैं।

दुनिया का आने वाला भविष्य पूरी तरह से सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स यानी ईवी पर टिका है। भारत सरकार जिस तेजी से रिन्यूएबल एनर्जी को सपोर्ट कर रही है, उसे देखते हुए इस फील्ड में स्किल्ड लोगों की डिमांड बिजली की रफ्तार से बढ़ने वाली है। हालांकि हाई-वोल्टेज बिजली के साथ काम करने में थोड़ा रिस्क तो हमेशा रहता है, लेकिन अगर आप सेफ्टी रूल्स को अच्छी तरह फॉलो करते हैं, तो इससे ज्यादा सुरक्षित, स्टेबल और कभी न पुराना होने वाला करियर कोई दूसरा नहीं है। तो अगर आप एक ऐसा प्रोफेशनल बनना चाहते हैं जो खुद अपना बॉस हो, तो आज ही अपने शहर के किसी टॉप आईटीआई संस्थान से जुड़कर अपने सपनों को नई पावर सप्लाई देना शुरू कर दीजिए।

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Pratahkal Newsroom

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