आजकल के दौर में जब हर कोई करियर को लेकर कन्फ्यूज है, मेडिकल फील्ड एक ऐसा एवरग्रीन सेक्टर है जहां कभी मंदी नहीं आती। अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो बिना लंबी-चौड़ी एमबीबीएस की पढ़ाई और सालों के इंतजार के हेल्थकेयर इंडस्ट्री का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो यह फील्ड आपके लिए एकदम परफेक्ट वाइब वाली है। यहां आप सिर्फ दवाइयां बेचना नहीं सीखते, बल्कि आप डॉक्टर और मरीज के बीच की वो सबसे जरूरी कड़ी बनते हैं जिसे दवाओं की पूरी एबीसीडी और साइंस पता होती है। इंडिया को तो वैसे भी पूरी दुनिया की फार्मेसी कहा जाता है, तो सोचिए इस सेक्टर में ग्रोथ का लेवल कितना हाई और फ्यूचर कितना सिक्योर है।

इस कोर्स की सबसे कूल बात यह है कि आप बहुत कम उम्र में ही फाइनेंशियली इंडिपेंडेंट यानी आत्मनिर्भर बन सकते हैं। वैसे तो ज्यादातर राज्यों में इसके लिए 12वीं क्लास में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायो या मैथ्स के साथ कम से कम 50% मार्क्स चाहिए होते हैं, लेकिन देश के कुछ हिस्सों में 10वीं के बाद भी इसके रास्ते खुल जाते हैं जो एक बड़ा प्लस पॉइंट है। बस आपको एडमिशन लेते वक्त यह पक्का करना है कि आपका कॉलेज पीसीआई यानी फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से एप्रूव्ड हो ताकि आपकी डिग्री की पूरी वैल्यू रहे। एडमिशन के लिए कई जगह यूपीएसईई या जीईईसीयूपी जैसे एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करने होते हैं, तो कहीं-कहीं आपके पुराने मार्क्स के बेस पर डायरेक्ट एंट्री का चांस भी मिल जाता है।

यह सिर्फ दो साल का एक छोटा सा लेकिन पावरफुल सफर है जिसमें आप दवाइयों के साल्ट, इंसानी शरीर की बनावट और लैब के सीक्रेट्स को बहुत करीब से समझते हैं। किताबी पढ़ाई के साथ-साथ आपको 500 घंटों की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी पूरी करनी होती है, जो आपको रियल वर्ल्ड के लिए तैयार करती है। जैसे ही आपकी यह ट्रेनिंग खत्म होती है, आप एक 'रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट' बन जाते हैं और सोसाइटी में एक अलग पहचान पाते हैं। इस रोल के लिए आपकी याददाश्त और फोकस बहुत शार्प होना चाहिए क्योंकि दवाओं की डोज में एक छोटी सी गलती भी किसी की जान पर भारी पड़ सकती है, इसलिए यह काम जितना कूल है उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी भी है।

अगर आप लोगों की मदद करना पसंद करते हैं और थोड़े पेशेंस वाले इंसान हैं, तो इस कोर्स को पूरा करते ही आपके पास करियर ऑप्शंस की लाइन लग जाएगी। आप अपोलो या मैक्स जैसे देश के बड़े और रिप्यूटेड हॉस्पिटल्स में काम कर सकते हैं या फिर अलग-अलग सरकारी जॉब्स के लिए अप्लाई कर सकते हैं। सबसे बेस्ट बात तो यह है कि आप अपना खुद का मेडिकल स्टोर खोलकर खुद के बॉस बन सकते हैं और अपना बिजनेस एम्पायर खड़ा कर सकते हैं। जामिया हमदर्द या एनआईपीईआर जैसे टॉप कॉलेजों से पढ़ाई करके आप इस इंडस्ट्री के असली लीडर बन सकते हैं और रिसर्च या ऑनलाइन फार्मेसी जैसे मॉडर्न फील्ड्स में भी झंडे गाड़ सकते हैं।

पैसों और स्टेबिलिटी की बात करें तो शुरुआत में प्राइवेट सेक्टर में आप ₹15,000 से ₹25,000 तक आसानी से कमा सकते हैं, जबकि सरकारी नौकरी में यह आंकड़ा ₹45,000 के पार भी जा सकता है। अगर आप खुद का बिजनेस शुरू करते हैं, तो फिर कमाई की कोई लिमिट नहीं है क्योंकि दवाओं की डिमांड कभी कम नहीं होने वाली। भविष्य में ऑनलाइन फार्मेसी और रिसर्च की बढ़ती डिमांड को देखते हुए इसमें स्कोप ही स्कोप नजर आता है। याद रखिए, यह सिर्फ एक डिग्री नहीं बल्कि लोगों की लाइफ में पॉजिटिव बदलाव लाने का एक शानदार मौका है, इसलिए अगर आप मेहनत करने को तैयार हैं, तो आज ही इस फील्ड को अपना गोल बना लीजिए।

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Pratahkal Newsroom

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