दिल्ली सरकार ने पॉक्सो जागरूकता माह के तहत सभी स्कूलों में विशेष सत्र और बाल सुरक्षा प्रोटोकॉल को अनिवार्य कर दिया है।

दिल्ली सरकार ने राजधानी के सभी शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि दिल्ली के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 'गुड टच' और 'बैड टच' के बारे में विशेष जागरूकता सत्र आयोजित करना अब अनिवार्य होगा। यह कदम पॉक्सो (POCSO) जागरूकता माह के अंतर्गत उठाया गया है, जिसका मुख्य ध्येय बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना और उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूल न केवल इन सत्रों का आयोजन करेंगे, बल्कि अनिवार्य बाल सुरक्षा प्रोटोकॉल को पूरी तरह से लागू करेंगे और आगामी 15 दिनों के भीतर इसकी अनुपालन रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अभियान की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल एक महीने तक चलने वाला जागरूकता अभियान नहीं है, बल्कि यह बाल संरक्षण को स्कूलों का एक स्थायी हिस्सा बनाने की दिशा में एक बड़ा आंदोलन है। सरकार का लक्ष्य है कि राजधानी के सभी 5,633 स्कूलों में बच्चों के लिए एक ऐसा सुरक्षा तंत्र विकसित किया जाए, जिसमें शिक्षकों, अभिभावकों, दिल्ली पुलिस, जिलाधिकारियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी हो। जुलाई के अंत तक हर स्कूल में बाल संरक्षण समितियां गठित की जाएंगी, जो स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा की निरंतर निगरानी करेंगी।

इस व्यापक पहल के तहत न केवल छात्रों को शिक्षित किया जाएगा, बल्कि शिक्षकों और स्कूल के अन्य कर्मचारियों को भी यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के प्रावधानों के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों में बाल सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अभियान के माध्यम से दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि प्रत्येक बच्चा अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहे और किसी भी प्रकार की प्रतिकूल स्थिति में आवाज उठाने में सक्षम हो। यह पहल बच्चों के सर्वांगीण विकास और उन्हें एक सुरक्षित भविष्य देने की दिशा में एक ठोस कदम है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

Next Story