आज के दौर में जब हर तरफ स्टार्टअप्स, शार्क टैंक और स्टॉक मार्केट की धूम मची है, तो कॉमर्स की दुनिया किसी ग्लैमरस फिल्मी करियर से कम नहीं लगती। यह अब पुराने जमाने के हिसाब-किताब वाला बोरिंग काम नहीं रह गया है, बल्कि देश की इकोनॉमी की नब्ज को समझने और बड़े-बड़े बिजनेस एम्पायर को चलाने की असली चाबी बन चुका है। अगर आपको नंबर्स के साथ खेलना पसंद है और आप स्मार्ट बिजनेस स्ट्रैटेजी बनाने में माहिर हैं, तो 10वीं के बाद कॉमर्स स्ट्रीम चुनना आपके लिए एक बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह फील्ड आपको केवल एक साधारण जॉब नहीं देती, बल्कि समाज में एक खास पहचान और वह 'रॉयल' लाइफस्टाइल जीने का मौका देती है जिसका सपना हर स्टूडेंट देखता है। सच तो यह है कि जब तक दुनिया में पैसा रहेगा, उसे मैनेज करने वाले एक्सपर्ट्स की डिमांड हमेशा आसमान पर रहेगी।इस शानदार सफर की शुरुआत 12वीं क्लास में अच्छे मार्क्स लाने के साथ होती है, जहाँ आपको कम से कम 50% से 60% का स्कोर तो टारगेट करना ही चाहिए ताकि आपके पास बेहतर विकल्प खुले रहें। इसके बाद आप 3 साल की बीकॉम या बीबीए इन फाइनेंस जैसी पॉपुलर डिग्री ले सकते हैं। अगर आप दिल्ली यूनिवर्सिटी के एसआरसीसी या मुंबई के सेंट जेवियर्स जैसे देश के टॉप कॉलेजों में पढ़ने की ख्वाहिश रखते हैं, तो आपको सीयूईटी जैसे एंट्रेंस एग्जाम की डटकर तैयारी करनी होगी। लेकिन अगर आपके सपने थोड़े और बड़े हैं और आप सीधे चार्टर्ड अकाउंटेंट यानी सीए बनने की राह पर निकलना चाहते हैं, तो 12वीं के तुरंत बाद आईसीएआई के पास रजिस्ट्रेशन कराकर फाउंडेशन लेवल की परीक्षा दे सकते हैं। यह पूरा रास्ता थोड़ा चैलेंजिंग और कड़ी मेहनत वाला जरूर है जिसमें लगभग 4.5 से 5 साल का वक्त लगता है, पर एक बार सफल होने के बाद आप सीधे कंपनियों के टॉप लेवल मैनेजमेंट का हिस्सा बन जाते हैं।बैंकिंग की दुनिया भी उन युवाओं के लिए बेहतरीन मौके लेकर आती है जो स्टेबिलिटी और इज्जत वाली सरकारी नौकरी की तलाश में रहते हैं। आप किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद आईबीपीएस या एसबीआई पीओ के कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स देकर सीधे सरकारी बैंक में ऑफिसर की पोस्ट हासिल कर सकते हैं। इस फील्ड में आगे बढ़ने के लिए आपको केवल किताबी ज्ञान की नहीं, बल्कि क्रिटिकल थिंकिंग और बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स की भी बहुत जरूरत होती है। आज के समय में एक फाइनेंस प्रोफेशनल का काम सिर्फ फाइलों और कैलकुलेटर में खोए रहना नहीं है, बल्कि जटिल फाइनेंशियल रिपोर्ट्स को आसान भाषा में अपने क्लाइंट्स को समझाना भी है। अगर आपमें बारीकियों को पकड़ने की आदत है और आप डेटा का सही एनालिसिस कर सकते हैं, तो आप यकीनन इस इंडस्ट्री के अगले सुपरस्टार बन सकते हैं।कमाई की बात करें तो यहाँ 'स्काई इज द लिमिट' वाली बात बिल्कुल सच साबित होती है क्योंकि इस सेक्टर में टैलेंट की बहुत कदर है। एक फ्रेशर सीए या किसी टॉप कॉलेज से पास आउट स्टूडेंट 7 लाख से 12 लाख रुपये सालाना के शुरुआती पैकेज से अपने करियर का आगाज कर सकता है। वहीं बैंकिंग सेक्टर में ऑफिसर लेवल पर 5 लाख से 8 लाख रुपये तक का शुरुआती पैकेज आसानी से मिल जाता है। जैसे-जैसे आपका एक्सपीरियंस बढ़ता है और आप ऑडिट मैनेजर, इन्वेस्टमेंट बैंकर या पोर्टफोलियो मैनेजर जैसे सीनियर रोल्स पर पहुँचते हैं, आपका पैकेज 25 लाख से 50 लाख रुपये सालाना तक भी जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि आप किसी के यहाँ नौकरी करने के बजाय अपनी खुद की कंसल्टेंसी फर्म भी शुरू कर सकते हैं जहाँ आपकी कमाई की कोई तय सीमा नहीं होती।फ्यूचर की बात करें तो फिनटेक और डेटा एनालिटिक्स जैसी नई टेक्नोलॉजी ने इस पूरे सेक्टर को और भी ज्यादा एक्साइटिंग और मॉडर्न बना दिया है। अब यह सिर्फ पुराने 'मुनीम' वाला काम नहीं रहा, बल्कि अब आपको लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और फाइनेंस को मिलाकर स्मार्ट तरीके से काम करना होगा। हालांकि, सीए जैसे एग्जाम्स थोड़े टफ होते हैं और मार्च के क्लोजिंग टाइम पर काम का प्रेशर काफी बढ़ जाता है, लेकिन इसके बदले में मिलने वाली सैलरी, सिक्योरिटी और रुतबा उन सारी मुश्किलों को छोटा बना देता है। अगर आपमें घंटों बैठकर प्रॉब्लम सॉल्व करने का धैर्य है और आप दुनिया की इकोनॉमी को बहुत करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो कॉमर्स का यह समंदर आपके लिए असीमित अवसरों के साथ पूरी तरह तैयार है।

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Pratahkal Newsroom

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