आजकल हर कोई डॉक्टर या इंजीनियर बनने की रटने वाली रेस में भाग रहा है, लेकिन क्या आपको पता है कि हेल्थकेयर सेक्टर की असली जान कौन है? वे हैं नर्सिंग केयर प्रोफेशनल्स, जिन्हें हम आज के दौर के असली 'साइलेंट हीरोज' कह सकते हैं। आज के समय में इनकी डिमांड इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि बड़े शहरों के आलीशान अस्पतालों से लेकर घर-घर तक पहुँचने वाली होम-केयर सर्विस तक, हर जगह इनकी भारी जरूरत है। यह सेक्टर अब पहले से कहीं ज्यादा कूल और हाई-पेइंग बन चुका है, और अगर आप 10वीं के तुरंत बाद एक ऐसी फील्ड में कदम रखना चाहते हैं जहाँ जॉब सिक्योरिटी के साथ-साथ लोगों की दुआएं भी मिलें, तो यह कोर्स आपके करियर के लिए एकदम परफेक्ट वाइब सेट करता है।इस कोर्स की सबसे खास बात यह है कि आपको सालों-साल भारी-भरकम किताबों और पढ़ाई के बोझ तले दबने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। सर्टिफिकेट इन नर्सिंग केयर महज 6 महीने से 1 साल का एक शॉर्ट-टर्म प्रोग्राम है, जो आपको किताबी ज्ञान के बजाय सीधा प्रैक्टिकल एक्शन के लिए तैयार कर देता है। इस कोर्स के दौरान आप मरीजों की देखभाल करना, फर्स्ट एड देना, ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल चेक करना और जरूरी मेडिकल मशीनों को हैंडल करना जैसे जरूरी हुनर सीखते हैं। मजे की बात यह है कि चाहे आप आर्ट्स से हों, कॉमर्स से या साइंस से, और आपके 10वीं या 12वीं में सिर्फ 45% से 50% मार्क्स भी हैं, तो भी आप इस इंडस्ट्री में अपना करियर रॉकेट की तरह उड़ा सकते हैं।यहाँ एडमिशन लेने का प्रोसेस भी बहुत चिल और आसान है क्योंकि ज्यादातर कॉलेजों में आपको आपके 10वीं के मार्क्स के बेस पर डायरेक्ट एंट्री मिल जाती है। कुछ बड़े सरकारी संस्थान या अपोलो जैसे नामी हॉस्पिटल्स एक छोटा सा इंटरव्यू लेकर आपको सेलेक्ट कर लेते हैं जहाँ बस आपके अंदर थोड़ा सब्र, टीम वर्क की स्पिरिट और मुश्किल वक्त में शांत रहने का टैलेंट देखा जाता है। कोर्स के दौरान आपकी ट्रेनिंग थ्योरी से कहीं ज्यादा प्रैक्टिकल पर फोकस करती है ताकि आप हॉस्पिटल के रियल माहौल में फिट हो सकें। इग्नू या DPMI जैसे नामी संस्थानों से यह कोर्स करना एक स्मार्ट मूव साबित हो सकता है क्योंकि इनकी डिग्री की वैल्यू जॉब मार्केट में बहुत ज्यादा है।जैसे ही आप यह कोर्स पूरा करते हैं, आपके सामने जॉब्स की एक लंबी लाइन लग जाती है जहाँ आप किसी बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल में नर्सिंग असिस्टेंट बन सकते हैं या फिर 'होम हेल्थ एड' बनकर पर्सनल पेशेंट केयर में काफी अच्छी कमाई कर सकते हैं। शुरुआती सैलरी 10,000 से 18,000 रुपये तक होती है, जो थोड़े से एक्सपीरियंस के बाद आसानी से 30,000 रुपये महीने तक पहुँच जाती है। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में भी कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर बहुत सारी वैकेंसी निकलती रहती हैं जहाँ आप अच्छा पैसा और रुतबा दोनों कमा सकते हैं और जैसे-जैसे हेल्थकेयर सेक्टर डिजिटल हो रहा है, आपकी वैल्यू आने वाले वक्त में और भी ज्यादा बढ़ने वाली है।अगर आप उन स्टूडेंट्स में से हैं जो लंबी और बोरिंग पढ़ाई के बजाय जल्दी पैसा कमाना और अपने पैरों पर खड़ा होना चाहते हैं, तो यह फैसला आपके लिए असली गेम-चेंजर साबित होगा। माना कि इसमें कभी-कभी नाइट शिफ्ट या त्योहारों पर काम करने जैसी चुनौतियां आती हैं, लेकिन जब आप किसी की जान बचाते हैं या किसी बीमार इंसान को ठीक होकर घर जाते देखते हैं, तो वह फीलिंग वाकई अनमोल होती है। यह कोर्स सिर्फ एक सर्टिफिकेट नहीं है, बल्कि हेल्थकेयर की बड़ी दुनिया जैसे GNM या B.Sc नर्सिंग में कदम रखने की पहली सीढ़ी है, तो बस अपनी सेवा भावना को जगाइये और इस शानदार करियर की ओर अपना पहला कदम बढ़ा दीजिये।

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Pratahkal Newsroom

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