CBSE ने छात्रों को किया 'रिकरोल'? क्या है कक्षा 12वीं के गणित के पेपर में छपे उस क्यूआर कोड की सच्चाई?
सीबीएसई कक्षा 12 गणित बोर्ड परीक्षा 2026 के प्रश्नपत्र में छपे क्यूआर कोड को स्कैन करने पर छात्रों को अचानक रिक एस्टली के प्रसिद्ध गाने ‘नेवर गोना गिव यू अप’ का वीडियो खुलने लगा। इस घटना ने सोशल मीडिया पर “रिकरोल” ट्रेंड के रूप में हलचल मचा दी।

सीबीएसई कक्षा 12 गणित पेपर
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education) की कक्षा 12 गणित की बोर्ड परीक्षा के बाद एक अप्रत्याशित घटना ने देशभर में चर्चा का विषय बना दिया। 9 मार्च 2026 को आयोजित इस परीक्षा के प्रश्नपत्रों में छपे क्यूआर कोड को जब कुछ छात्रों ने स्कैन किया, तो वह उन्हें सीधे प्रसिद्ध पॉप गीत Never Gonna Give You Up के म्यूज़िक वीडियो तक ले गया। यह गाना ब्रिटिश गायक Rick Astley का है और इंटरनेट पर इस तरह की शरारत को आमतौर पर “रिकरोल” कहा जाता है।
यह घटना सामने आते ही छात्रों और अभिभावकों के बीच आश्चर्य का माहौल बन गया, वहीं सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हो गई। कई लोगों ने इसे मज़ाकिया इंटरनेट ट्रेंड से जोड़ते हुए मीम्स और प्रतिक्रियाएँ साझा कीं, जबकि कुछ ने परीक्षा व्यवस्था में निगरानी और तकनीकी सुरक्षा को लेकर सवाल भी उठाए।
कैसे सामने आया मामला:
बताया गया कि परीक्षा समाप्त होने के बाद कुछ छात्रों ने प्रश्नपत्र पर मौजूद क्यूआर कोड को अपने मोबाइल फोन से स्कैन किया। सामान्यतः ऐसे क्यूआर कोड का उपयोग प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता सत्यापित करने या बोर्ड से संबंधित आधिकारिक जानकारी तक पहुंचने के लिए किया जाता है। लेकिन इस मामले में स्कैन करने पर लिंक सीधे इंटरनेट पर उपलब्ध उस प्रसिद्ध म्यूज़िक वीडियो तक पहुंच गया, जो लंबे समय से “रिकरोल” नामक ऑनलाइन मज़ाक का हिस्सा रहा है।
The Central Board of Secondary Education, India Rickrolled 2.5 million students by printing a Youtube QR code on the Maths question paper pic.twitter.com/jSl3TlkjjV
— Mogambo (@Netajinonsense1) March 9, 2026
यह जानकारी सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर छात्रों के अनुभव तेजी से साझा होने लगे। कई पोस्ट में दावा किया गया कि बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्र में मौजूद क्यूआर कोड ने छात्रों को “रिकरोल” कर दिया। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया कि यह घटना परीक्षा के दौरान नहीं बल्कि परीक्षा समाप्त होने के बाद सामने आई।
परीक्षा प्रक्रिया पर नहीं पड़ा असर:
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना का परीक्षा की प्रक्रिया या प्रश्नपत्र की गोपनीयता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। छात्र पहले ही अपनी परीक्षा पूरी कर चुके थे और क्यूआर कोड स्कैन करने की प्रक्रिया परीक्षा के बाद हुई। इस वजह से परीक्षा के संचालन या मूल्यांकन से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया में बाधा आने की पुष्टि नहीं हुई है।
सीबीएसई का आधिकारिक बयान:
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए Central Board of Secondary Education ने 10 मार्च को स्पष्टीकरण जारी किया। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि कक्षा 12 गणित के प्रश्नपत्र पूरी तरह से असली थे और उनकी सुरक्षा या परीक्षा की अखंडता से कोई समझौता नहीं हुआ है। बोर्ड के अनुसार, प्रश्नपत्रों में क्यूआर कोड सहित कई सुरक्षा विशेषताएँ शामिल की जाती हैं, जिनका उद्देश्य पेपर की प्रामाणिकता की पुष्टि करना होता है। सीबीएसई ने यह भी कहा कि यह जांच की जा रही है कि आखिर किस कारण से क्यूआर कोड स्कैन करने पर वह लिंक उस म्यूज़िक वीडियो तक पहुंचा। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रक्रियाओं की समीक्षा और सुधार करने का आश्वासन भी दिया गया है।
Important Update:
— CBSE HQ (@cbseindia29) March 10, 2026
Press Release issued by CBSE pic.twitter.com/HqhdjYo23q
“रिकरोल” क्या है:
“रिकरोल” इंटरनेट संस्कृति का एक पुराना मज़ाक है, जिसमें किसी लिंक को इस तरह साझा किया जाता है कि वह किसी अन्य सामग्री का आभास देता है, लेकिन क्लिक या स्कैन करने पर उपयोगकर्ता को अचानक Never Gonna Give You Up के वीडियो पर पहुंचा देता है। यह ट्रेंड 2000 के दशक के उत्तरार्ध में बेहद लोकप्रिय हुआ था और आज भी ऑनलाइन मज़ाक के रूप में समय-समय पर सामने आता रहता है।
हालांकि यह घटना तकनीकी रूप से किसी बड़ी सुरक्षा चूक का प्रमाण नहीं मानी गई है, लेकिन इसने परीक्षा प्रणाली में उपयोग की जा रही डिजिटल तकनीकों की निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया पर नए सिरे से ध्यान आकर्षित किया है। सोशल मीडिया पर जहां एक ओर इस घटना को लेकर हास्यपूर्ण प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं, वहीं दूसरी ओर शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी तंत्र की विश्वसनीयता को और मजबूत करने की मांग भी उठी।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
