बिहार में सरकारी सेवाओं के विशाल दरवाज़े खोलने वाली 71वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम आखिरकार जारी कर दिया गया है। लाखों अभ्यर्थियों की धड़कनों को बांधे रखने वाला यह इंतज़ार आज समाप्त हुआ, जब बिहार लोक सेवा आयोग ने आधिकारिक वेबसाइट पर परिणाम की पीडीएफ़ प्रकाशित की। इसके साथ ही राज्यभर में एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के भविष्य का रास्ता साफ होता दिखाई दिया है।

इस वर्ष परीक्षा का पैमाना पहले से कहीं बड़ा था। कुल 4,71,012 उम्मीदवारों ने आवेदन किया, जिनमें से 3,16,762 परीक्षार्थी 13 सितंबर को आयोजित परीक्षा में शामिल हुए। बिहार के 37 जिलों में फैले 912 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई, हालांकि इसके इर्द-गिर्द अफवाहों और तकनीकी चुनौतियों ने माहौल को हलचल भरा बनाए रखा।

परिणामों के अनुसार, एकीकृत 71वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा में 13,368 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। वहीं वित्तीय प्रशासनिक अधिकारी पद हेतु आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में 893 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की। इस प्रकार कुल 14,261 अभ्यर्थी अब मुख्य परीक्षा, यानी लिखित परीक्षा की ओर अगला कदम बढ़ाएंगे। इन अभ्यर्थियों के सामने अब 1,264 प्रतिष्ठित पदों के लिए प्रतिस्पर्धा है, जिनमें वरिष्ठ उप कलेक्टर, ब्लॉक सहकारिता अधिकारी, राजस्व अधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक और कई प्रशासनिक पद शामिल हैं।

हालाँकि, इस परीक्षा की कहानी केवल नतीजों तक सीमित नहीं रही। परीक्षा आयोजित होने से पहले सोशल मीडिया पर यह अफवाह तेजी से फैली कि परीक्षा स्थगित कर दी गई है। इस गलत सूचना ने अभ्यर्थियों में भारी भ्रम और बेचैनी पैदा कर दी। बाद में आयोग ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट X पर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इन अफवाहों को सिरे से खारिज किया और स्पष्ट किया कि परीक्षा निर्धारित तिथि अर्थात 13 सितंबर को ही आयोजित होगी। आयोग ने ऐसे कोचिंग संस्थानों और सोशल मीडिया पेजों की आलोचना भी की, जिन्होंने बिना किसी पुष्टि के भ्रम फैलाया।

भर्ती अभियान की शुरुआत पहले 1,250 पदों के लिए की गई थी, जिसे बाद में पुलिस उपाधीक्षक के 14 पद जोड़कर 1,264 तक बढ़ाया गया। यह बदलाव न केवल प्रतियोगिता को और चुनौतीपूर्ण बनाता है, बल्कि अभ्यर्थियों को उच्च प्रशासनिक सेवाओं में प्रवेश का और बड़ा अवसर भी प्रदान करता है।

परीक्षा के दिन भी कई केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन में तकनीकी गड़बड़ियाँ सामने आईं। जिन अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज होने में बाधाएं आईं, उनमें अपने प्रयासों के बेकार जाने का भय पैदा हो गया। इस संवेदनशील मुद्दे पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए आयोग ने स्पष्ट किया कि मैनुअल उपस्थिति—डुप्लीकेट एडमिट कार्ड पर हस्ताक्षर सहित—को वैध मान्यता दी जाएगी, ताकि किसी भी उम्मीदवार का करियर तकनीकी त्रुटियों के कारण प्रभावित न हो।

इन उतार-चढ़ावों के बीच BPSC का यह परिणाम सिर्फ एक परीक्षा का नतीजा नहीं, बल्कि लाखों सपनों की अगली सीढ़ी है। अब पूरी निगाहें मुख्य परीक्षा पर टिक चुकी हैं, जहां असली परीक्षा की शुरुआत होगी। बिहार में प्रशासनिक व्यवस्था में प्रवेश का यह मार्ग कठिन है, लेकिन आज के नतीजों ने हजारों उम्मीदवारों के लिए संभावनाओं का नया उजाला जला दिया है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story