आजकल की दुनिया में जो दिखता है वही बिकता है और यही वजह है कि डिजाइन इंडस्ट्री आज सबसे कूल और हाई-डिमांड फील्ड्स में गिनी जा रही है। इंस्टाग्राम पर दिखने वाले एस्थेटिक पोस्ट्स से लेकर आपके फोन के एप्स तक, हर चीज किसी डिजाइनर की क्रिएटिविटी का ही रिजल्ट होती है। अगर आपको भी कलर्स, विजुअल्स, फैशन या डिजिटल दुनिया में कुछ नया क्रिएट करने का शौक है, तो यह फील्ड सिर्फ हॉबी नहीं बल्कि एक पावरफुल करियर ऑप्शन बन सकता है जहां पैशन और प्रोफेशन दोनों साथ चलते हैं। यह एक ऐसी फील्ड है जहां आप अपनी इमेजिनेशन को हकीकत में बदलते हैं और इसके लिए पूरी दुनिया आपको नोटिस करती है।

B.Des यानी बैचलर ऑफ डिजाइन एक ऐसा प्रोफेशनल कोर्स है जो आपकी क्रिएटिविटी को रियल-वर्ल्ड सोल्यूशंस में बदलना सिखाता है। इसमें आप फैशन डिजाइनिंग से लेकर इंटीरियर स्पेसेस, ग्राफिक विजुअल्स और UX/UI जैसे डिजिटल एक्सपीरियंसेज तक सब कुछ गहराई से सीखते हैं। इस कोर्स के दौरान आपको स्केचिंग, कलर थ्योरी, लेआउट डिजाइन और यूजर बिहेवियर के साथ-साथ फोटोशॉप, इलस्ट्रेटर और फिग्मा जैसे मॉडर्न टूल्स की प्रैक्टिकल नॉलेज भी दी जाती है। यह आर्ट, टेक्नोलॉजी और बिजनेस का एक परफेक्ट मिक्स है, इसलिए यहां आपकी स्किल्स जितनी स्ट्रॉन्ग होंगी, फ्यूचर में उतनी ही बड़ी और एक्साइटिंग अपॉर्चुनिटीज आपके दरवाजे पर दस्तक देंगी।

अगर आप इस कोर्स में एडमिशन लेना चाहते हैं तो इसके लिए आपका 12वीं पास होना जरूरी है, फिर चाहे आप आर्ट्स, कॉमर्स या साइंस किसी भी स्ट्रीम से क्यों न हों। ज्यादातर अच्छे कॉलेजेस में कम से कम 50% मार्क्स की रिक्वायरमेंट होती है, जो कि काफी अचीवेबल है। अगर आपका सपना देश के टॉप इंस्टीट्यूट्स जैसे NID, NIFT या UCEED में पढ़ने का है, तो आपको इनके एंट्रेंस एग्जाम्स क्लियर करने होंगे जिसके बाद आपके पोर्टफोलियो और इंटरव्यू के बेसिस पर सिलेक्शन होता है। वहीं कई शानदार प्राइवेट कॉलेजेस डायरेक्ट एडमिशन का मौका भी देते हैं, जिससे इस क्रिएटिव सफर में एंट्री करने का रास्ता काफी फ्लेक्सिबल और आसान हो जाता है।

समय और पैसों की बात करें तो यह कोर्स आमतौर पर 4 साल का होता है जहां शुरुआत में आपको डिजाइन के बेसिक्स सिखाए जाते हैं और बाद में आप अपनी पसंद की स्पेशलाइजेशन जैसे फैशन, इंटीरियर या ग्राफिक चुन सकते हैं। अगर आप थोड़ा जल्दी अपनी प्रोफेशनल लाइफ शुरू करना चाहते हैं, तो मार्केट में 1 से 2 साल के डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्सेज भी अवेलेबल हैं। इसकी फीस कॉलेज के हिसाब से ₹1 लाख से ₹5 लाख पर ईयर तक जा सकती है, लेकिन यकीन मानिए कि सही स्किल्स और टैलेंट के साथ यह इन्वेस्टमेंट बहुत जल्द ही बेहतरीन रिटर्न्स और एक स्टेबल लाइफस्टाइल के रूप में वापस मिल जाता है।

करियर के मामले में तो ऑप्शंस की कोई कमी ही नहीं है क्योंकि आप एक फैशन डिजाइनर बनकर अपना खुद का ब्रांड शुरू कर सकते हैं या इंटीरियर डिजाइनर बनकर घरों और ऑफिसों को नया लुक दे सकते हैं। ग्राफिक डिजाइनर के तौर पर आप बड़े ब्रांड्स की पहचान बना सकते हैं और अगर आपको डिजिटल दुनिया पसंद है तो UX/UI डिजाइनर बनकर एप्स और वेबसाइट्स को यूजर-फ्रेंडली बना सकते हैं। शुरुआत में सैलरी लगभग ₹3 लाख से ₹6 लाख पर ईयर तक रहती है, लेकिन जैसे-जैसे आपका एक्सपीरियंस और पोर्टफोलियो स्ट्रॉन्ग होता है, यह ₹10 लाख से भी ऊपर पहुंच जाती है। आजकल के फ्रीलांसिंग और स्टार्टअप कल्चर की वजह से तो इनकम की कोई फिक्स्ड लिमिट ही नहीं बची है।

फ्यूचर की तरफ देखें तो डिजाइन इंडस्ट्री का ग्राफ सिर्फ ऊपर ही जा रहा है और इसकी डिमांड कभी कम नहीं होने वाली। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप्स और ई-कॉमर्स के बूम की वजह से UX/UI और ग्राफिक डिजाइन की जरूरत तेजी से बढ़ रही है, जबकि फैशन और इंटीरियर तो हमेशा से एवरग्रीन रहे ही हैं। अगर आप जेनुइनली क्रिएटिव हैं और हर दिन कुछ नया सीखने और बनाने का एक्साइटमेंट रखते हैं, तो यह फील्ड आपको लॉन्ग-टर्म ग्रोथ और पर्सनल सेटिस्फेक्शन दोनों देगी। बस एक बात हमेशा याद रखें कि ट्रेंड देखकर नहीं बल्कि अपना इंटरेस्ट समझकर करियर चुनें, एक तगड़ा पोर्टफोलियो बनाएं और लगातार प्रैक्टिस करते रहें क्योंकि आपकी कला ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है।

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Pratahkal Bureau

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