आजकल की दुनिया सिर्फ रट्टा मारने वालों की नहीं, बल्कि स्मार्ट सोचने वालों की है और यहीं से एंट्री होती है आर्ट्स की असली वाइब की। अगर आपको लगता है कि आर्ट्स सिर्फ एक बैकअप ऑप्शन है, तो ज़रा रुकिए, क्योंकि आज के दौर में सबसे ज़्यादा पावरफुल और हाई-पेइंग करियर इसी रास्ते से निकलते हैं। चाहे वो देश चलाने का सपना हो, कोर्ट रूम में अपनी दलीलें पेश करना हो या फिर अपनी क्रिएटिविटी से दुनिया को नया लुक देना हो, आर्ट्स की ये फील्ड हर जगह छाई हुई है। यह सिर्फ किताबी पढ़ाई नहीं है, बल्कि यह आपको समाज को समझने और उसमें अपना एक अलग इम्पैक्ट बनाने के लिए तैयार करती है।इस शानदार सफर की शुरुआत 10वीं के बाद सही स्ट्रीम चुनने से होती है और सबसे अच्छी बात यह है कि 12वीं में 50-60% लाने वाला स्टूडेंट भी इन बड़े सपनों की ओर कदम बढ़ा सकता है। अगर आप एडमिनिस्ट्रेशन में जाना चाहते हैं, तो 3 साल की ग्रेजुएशन यानी बीए के बाद यूपीएससी का रास्ता खुल जाता है, जहाँ इतिहास और राजनीति जैसे विषय आपकी बेस को इतना तगड़ा बना देते हैं कि सरकारी नौकरी का एग्जाम निकालना काफी आसान लगने लगता है। वहीं अगर आपको न्याय दिलाने का जुनून है, तो आप 12वीं के तुरंत बाद 5 साल का इंटीग्रेटेड बीए एलएलबी कोर्स कर सकते हैं, जिसके लिए आपको क्लैट (CLAT) या एलसैट (LSAT) जैसे एंट्रेंस एग्जाम्स को क्रैक करना होगा।क्रिएटिव माइंड्स के लिए भी यहाँ मौकों की कमी नहीं है, जहाँ एनआईडी (NID) या निफ्ट (NIFT) जैसे एग्जाम्स के जरिए आप 4 साल के डिजाइनिंग यानी बी-डेस प्रोग्राम में एडमिशन ले सकते हैं जो वर्ल्ड क्लास करियर की गारंटी देता है। दिल्ली यूनिवर्सिटी, जेएनयू, और नेशनल लॉ स्कूल्स जैसे टॉप कॉलेज आज के युवाओं की पहली पसंद बन चुके हैं क्योंकि यहाँ न केवल वर्ल्ड-क्लास पढ़ाई मिलती है बल्कि नेटवर्किंग भी ज़बरदस्त होती है। इन कोर्सेस के दौरान आपको सिर्फ थ्योरी नहीं पढ़ाई जाती, बल्कि केस स्टडीज और इंटर्नशिप्स के जरिए असली दुनिया की प्रॉब्लम्स को प्रोफेशनल तरीके से हैंडल करना सिखाया जाता है।अगर आपमें बोलने की कला है, आप चीज़ों को गहराई से सोच सकते हैं या आपकी इमैजिनेशन में दम है, तो ये कोर्सेस आपके अंदर के हुनर को एक प्रोफेशनल ब्रांड में बदल देते हैं। आज का प्राइवेट सेक्टर भी उन लोगों को हाथों-हाथ ले रहा है जिनके पास बेहतरीन सॉफ्ट स्किल्स और सोशल समझ है। जब बात कमाई की आती है, तो यह फील्ड किसी से पीछे नहीं है; एक कॉर्पोरेट वकील शुरू में ही 8 से 15 लाख रुपये सालाना तक का पैकेज पा सकता है, जबकि डिजाइनिंग फील्ड में शुरुआती सैलरी 4 से 7 लाख रुपये के बीच रहती है। सिविल सेवा में मिलने वाली सैलरी, रुतबा और सुविधाएं तो पूरी दुनिया जानती ही है।जैसे-जैसे आपका एक्सपीरियंस बढ़ता है, आपकी वैल्यू और बैंक बैलेंस दोनों ही आसमान छूने लगते हैं क्योंकि एआई के दौर में भी इंसानी समझ, कानून और डिजाइन की मांग कभी कम नहीं होगी। मशीनों के पास इमोशंस और समाज की समझ नहीं होती, इसलिए आर्ट्स के प्रोफेशनल्स की जरूरत हमेशा बनी रहेगी। तो अगर आप भी एक ऐसा करियर चाहते हैं जहाँ काम बोरिंग न हो और लाइफ में हर दिन कुछ नया करने का मौका मिले, तो 10वीं के बाद आर्ट्स का रास्ता आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। बस अपनी स्ट्रेंथ को पहचानिए, सही एंट्रेंस एग्जाम चुनिए और तैयार हो जाइए एक ऐसी दुनिया के लिए जहाँ आप सिर्फ काम नहीं करेंगे, बल्कि अपनी एक अलग पहचान बनाएंगे।

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Pratahkal Newsroom

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