आजकल की दुनिया में हर कोई कुछ हटकर करना चाहता है, और अगर आपके अंदर भी एक कलाकार छिपा है जो सुंदर इमारतों और आलीशान घरों को देखकर इंस्पायर होता है, तो आर्किटेक्चर की फील्ड आपके लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है। आजकल जिस तरह से स्मार्ट सिटीज और सस्टेनेबल लिविंग का क्रेज बढ़ रहा है, इस करियर की वाइब एकदम कूल और हाई-डिमांड वाली हो गई है। यह सिर्फ घर बनाने के बारे में नहीं है, बल्कि यह इंजीनियरिंग, आर्ट और मॉडर्न टेक्नोलॉजी का एक ऐसा कॉम्बो है जहां आप अपनी इमेजिनेशन को असलियत में जमीन पर उतरते हुए देख सकते हैं। यह एक ऐसा प्रोफेशन है जो आपको सोसाइटी में एक अलग पहचान और रेस्पेक्ट दिलाता है क्योंकि आपके बनाए हुए नक्शों पर लोगों की जिंदगी की नींव टिकी होती है।इस शानदार करियर की शुरुआत करने के लिए आपको 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स यानी पीसीएम के साथ कम से कम 50% मार्क्स लाना जरूरी है। अच्छी बात यह है कि जिन स्टूडेंट्स ने 10वीं के बाद आर्किटेक्चर में डिप्लोमा किया है, वे भी इस डिग्री की रेस में शामिल हो सकते हैं। इस फील्ड में चमकने के लिए आपकी मैथ्स पर पकड़ और किसी खाली जगह को देखकर वहां एक शानदार बिल्डिंग इमेजिन करने की ताकत यानी विजुअलाइजेशन स्किल्स बहुत काम आती हैं। आज का दौर डिजिटल है, इसलिए अगर आपको डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर सीखने का शौक है और आप छोटी-छोटी बारीकियों पर ध्यान देते हैं, तो आप इस रेस के पक्के घोड़े साबित होंगे।अगर कोर्स की बात करें तो यह पूरे 5 साल का सफर है जिसे 10 सेमेस्टर्स में बांटा गया है। शुरुआत में आपको डिजाइनिंग और पुरानी इमारतों के इतिहास के बारे में पढ़ाया जाता है, लेकिन जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं, आपको अर्बन डिजाइन और लैंडस्केप आर्किटेक्चर जैसी एडवांस चीजें सिखाई जाती हैं। सबसे एक्साइटिंग पार्ट इसका लास्ट ईयर होता है, जहां आपको किसी बड़ी फर्म के साथ इंटर्नशिप करने का मौका मिलता है। इससे आप कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ यह भी समझ जाते हैं कि रियल मार्केट में काम कैसे होता है। इसमें एडमिशन लेने के लिए आपको नाटा (NATA) या जेईई पेपर 2 जैसे एंट्रेंस एग्जाम्स क्रैक करने होंगे, जिसके जरिए आप दिल्ली के एसपीए (SPA), आईआईटी खड़गपुर या मुंबई के सर जे.जे. कॉलेज जैसे टॉप संस्थानों में पहुंच सकते हैं।एक बार डिग्री हाथ में आ गई, तो आपके पास करियर ऑप्शंस की कमी नहीं होगी। आप किसी बड़ी कंपनी में आर्किटेक्ट बन सकते हैं, अर्बन प्लानर की तरह शहर की प्लानिंग कर सकते हैं या फिर इंटीरियर डिजाइनर बनकर लोगों के घरों को सजा सकते हैं। सरकारी सेक्टर में भी पीडब्ल्यूडी (PWD), रेलवे और नगर निगम में आपके लिए ढेर सारी वैकेंसीज रहती हैं। और अगर आप किसी बॉस के अंडर काम नहीं करना चाहते, तो खुद की फर्म खोलकर अपना बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं। कमाई के मामले में भी यह फील्ड काफी तगड़ी है; शुरुआत में आप 3 से 5 लाख सालाना कमा सकते हैं, लेकिन 4-5 साल के एक्सपीरियंस के बाद आपका पैकेज 10 से 12 लाख या उससे भी ऊपर जा सकता है।बेशक, इस रास्ते में चुनौतियां भी हैं क्योंकि प्रोजेक्ट्स की डेडलाइन पूरी करने के लिए कभी-कभी रातों की नींद उड़ानी पड़ती है और घंटों कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठना पड़ता है। लेकिन जब आप अपनी डिजाइन की हुई बिल्डिंग को असल में खड़ा होते देखते हैं, तो वह सुकून सारी थकान मिटा देता है। यह करियर उन स्टूडेंट्स के लिए बेस्ट है जिनके पास धैर्य है और जो मेहनत के साथ-साथ कुछ नया क्रिएट करने का जुनून रखते हैं। अगर आप भी पुरानी इमारतों को देखकर सोचते हैं कि इन्हें और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है, तो बेझिझक इस 5 साल के सफर पर निकल पड़िए, क्योंकि यहां आपका फ्यूचर बहुत ही ब्राइट और कलरफुल होने वाला है।

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Pratahkal Bureau

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