अमेरिकी कृषि उत्पाद और भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पूर्व सांसद का हमला
पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को किसानों के साथ धोखा बताते हुए मेक इन इंडिया और ऊर्जा निर्भरता पर मोदी सरकार को घेरा।

डूंगरपुर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा भारत-अमेरिका ट्रेड डील के प्रतिकूल प्रभावों पर चर्चा करते हुए।
भारत के कृषि बाजार को अमेरिकी उत्पादों के लिए खोलना देश की 70 फीसदी आबादी के साथ धोखा: पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा
डूंगरपुर! भारत और अमेरिका ने दुनिया को चौंकाते हुए ट्रेड डील का ऐलान कर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारतीय सामानों पर अमेरिकी टैरिफ को 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। साथ ही यह भी दावा किया गया कि भारत रूस से तेल की खरीद नहीं करेगा और अमेरिकी सामानों का आयात बढ़ाएगा। इस ट्रेड को लेकर देश भर में सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है।
मोदी सरकार पर पूर्व सांसद का तीखा हमला
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव, बांसवाड़ा-डूंगरपुर संसदीय क्षेत्र के पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि:
"भारत के कृषि बाजार को अमेरिकी उत्पादों के लिए खोलना देश की 70 फीसदी आबादी के साथ धोखा है, जो खेती पर निर्भर है।"
उन्होंने आगाह करते हुए निम्नलिखित चिंताएं जताईं:
- विदेशी सामान आने से बिचौलियों और मुनाफाखोरों का एक नया वर्ग तैयार होगा।
- इससे खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं।
- अमेरिका के व्यापार समझौते से किसानों की आय कम हो जाएगी।
- किसान कर्ज में डूबकर अपनी जमीनें बड़े कॉरपोरेट्स को बेचने पर मजबूर हो जाएंगे।
ट्रेड डील या 'सरेंडर'? - वरिष्ठ नेता के सवाल
दक्षिणी राजस्थान के वरिष्ठ कांग्रेस नेता ताराचंद भगोरा ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील पूरी तरह सरेंडर का मामला है। समझौते की शर्तों पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा:
- "अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की घोषणा के अनुसार, भारत टैरिफ घटाकर 0% कर देगा, जबकि अमेरिका भारत में बने प्रोडक्ट्स पर 18% टैरिफ लगाएगा।"
- "ऐसा लगता है कि अब अमेरिका यह तय कर रहा है कि हम किससे तेल खरीद सकते हैं।"
- भारत पर दबाव डालकर उसे अपनी पूरी एनर्जी निर्भरता बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
'मेक इन इंडिया' और पारदर्शिता पर उठते सवाल
पूर्व सांसद ने सरकार की नीतियों और गोपनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि:
"इसके अलावा अमेरिका से ज्यादा सामान खरीदने की बात भी कही है, अगर ऐसा है तो 'मेक इन इंडिया' का क्या हुआ.....?"
ट्रेड डील में किन बिंदुओं पर बात हुई, क्या तय हुआ - ये बात देश को जानने का हक है। मोदी सरकार को इस बारे में सारी जानकारी देश और संसद से साझा करनी चाहिए।

Pratahkal Bureau
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