डूंगरपुर में मौत के जाल बने स्पीड ब्रेकर: आए दिन बह रहा सड़कों पर खून, कलेक्टर की चौखट पर पहुंचे शहरवासी
डूंगरपुर शहर में नियमों के विरुद्ध बने जानलेवा स्पीड ब्रेकरों के कारण बढ़ रहे हादसों को लेकर विभिन्न संगठनों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संस्कार भारती अध्यक्ष के फ्रैक्चर और बढ़ती दुर्घटनाओं पर प्रशासन से सख्त कार्रवाई और इन 'मौत के जालों' को दुरुस्त करने की मांग की गई है ताकि राहगीरों को राहत मिल सके।

डूंगरपुर। राजस्थान के डूंगरपुर शहर की सड़कों पर बिछाए गए 'मौत के जाल' यानी अनियंत्रित और नियम विरुद्ध स्पीड ब्रेकरों ने आमजन का जीना मुहाल कर दिया है। शहर के प्रमुख मार्गों पर लोक निर्माण विभाग की तकनीकी लापरवाही अब लोगों की हड्डियों पर भारी पड़ रही है। आए दिन हो रहे हादसों और बढ़ती घायलों की संख्या से आक्रोशित होकर शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने हुंकार भरी और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इन जानलेवा गति अवरोधकों को तत्काल दुरुस्त करने या हटाने की मांग की है।
शहर के हृदय स्थल तहसील चौराहा से लेकर नया बस स्टैंड, कलेक्ट्रेट मार्ग और नवा डेरा मार्ग तक, सड़कों पर उभरे ये ऊंचे और तीखे स्पीड ब्रेकर किसी बड़ी अनहोनी को निमंत्रण दे रहे हैं। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से आरोप लगाया गया है कि लोक निर्माण विभाग के तकनीकी अधिकारियों ने इन अवरोधकों के निर्माण में निर्धारित मापदंडों और सुरक्षा नियमों की खुलेआम अवहेलना की है। विशेषकर कॉलेज परिसर के बाहर बना स्पीड ब्रेकर तो अब दुर्घटनाओं का केंद्र बन चुका है, जहाँ रोजाना एक या दो वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। तीन दिन पूर्व ही संस्कार भारती के अध्यक्ष ओम प्रकाश जेठवा इसी लापरवाही का शिकार हुए, जिससे उनके हाथ में गंभीर फ्रैक्चर हो गया। इस घटना ने शहरवासियों के सब्र का बांध तोड़ दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए श्री जैन नवयुवक मंडल के अध्यक्ष शैलेश मेहता, निसार ए हाली के संस्था प्रधान मो. उस्मान, पार्षद भूपेश सुथार और ऑटो रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष शाकिर अली के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को वास्तविकता से रूबरू कराया। ज्ञापन देने वालों में श्रीमाल समाज के अध्यक्ष मुकेश श्रीमाल, गल्ला किराना एसोसिएशन के सदस्य रूपेश शाह, डॉ. जनार्दन जलज, अभिलाषा शाह, हरिराम मीणा, जितेंद्र सिंह पीठ, पेंशनर समाज के सचिव त्रिलोक चौबीसा, विनय शर्मा, विनोदचंद्र चौबीसा, प्रभा शंकर जोशी और ऋषि दवे सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
जिला कलेक्टर ने सभी पक्षों की शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुना और आश्वस्त किया कि इन विवादित स्पीड ब्रेकरों की जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। शहर की सुरक्षा से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर अब प्रशासन के अगले कदम पर सबकी निगाहें टिकी हैं, क्योंकि यह केवल यातायात का मामला नहीं बल्कि राहगीरों की जान की सलामती का सवाल है।

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