डूंगरपुर। धम्बोला थाना क्षेत्र के पीठ कस्बे में नाबालिग छात्रा की आत्महत्या से उपजे आक्रोश के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पीड़िता की शिकायत के बावजूद समय रहते कार्रवाई नहीं करने के आरोप में पीठ चौकी के एसआई को निलंबित कर दिया गया है, जबकि मामले में मुख्य आरोपी सहित उसके परिवार और सहयोगियों को मिलाकर 12 लोगों को डिटेन किया गया है। पीड़ित परिवार को 11 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने पर सहमति बनने के बाद धरना समाप्त हुआ और गमगीन माहौल में छात्रा का अंतिम संस्कार किया गया।

घटना 16 दिसंबर की शाम की है, जब पीठ निवासी 16 वर्षीय छात्रा ने जहर खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले सीमलवाड़ा, फिर डूंगरपुर और अंततः उदयपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 17 दिसंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद कस्बे में तनाव फैल गया और बड़ी संख्या में सर्वसमाज के लोग पीठ चौकी के सामने धरने पर बैठ गए। आरोपियों की गिरफ्तारी, उनके घरों पर बुलडोजर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग को लेकर लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता गया।

गुरुवार सुबह जिलेभर से लोग पीठ पहुंचने लगे। स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। आक्रोशित भीड़ ने एक बार आरोपियों के घरों की ओर बढ़ने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई। हालात काबू में करने के लिए दोपहर में आईजी गौरव श्रीवास्तव, कलेक्टर अंकित कुमार सिंह और जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार पीठ पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार और सर्वसमाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मांगों पर विस्तार से वार्ता की।

बैठक में पीड़ित परिवार की ओर से 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग रखी गई, हालांकि सरकार के नियमानुसार 11 लाख रुपये मुआवजे पर सहमति बनी। इसके साथ ही छात्रा की शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं करने वाले पीठ चौकी के एसआई मणिलाल को निलंबित करने का निर्णय लिया गया। एसपी मनीष कुमार ने बताया कि आरोपी जावेद, उसकी पत्नी, मां, बहन, भाई और पिता सहित सहयोग करने वाले कुल 12 लोगों को डिटेन किया गया है। आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग पर अधिकारियों ने उनके पट्टों की जांच कर अनियमितता पाए जाने पर आगे की कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

मांगों पर सहमति के बाद धरना समाप्त हुआ और लोग सीमलवाड़ा अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे। वहां से छात्रा का शव घर लाया गया, जहां शोकाकुल माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी रेखांकित किया है कि संवेदनशील मामलों में समय पर कार्रवाई कितनी निर्णायक होती है।

Sudhir jain (Dungarpur)

Sudhir jain (Dungarpur)

नाम: सुधीर जैन

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: डूंगरपुर जिला (राजस्थान)

अनुभव: 40 वर्ष

बीट और विशेषज्ञता (Beats & Coverage)

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शैक्षणिक योग्यता (Education)

विज्ञान स्नातक - गणित (B.Sc. Mathematics)

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