डूंगरपुर की धरा पर राष्ट्रसंत पुलक सागर जी का भव्य मंगल प्रवेश, 2026 के संकल्पों के साथ जैन समाज में उत्साह का संचार
डूंगरपुर में राष्ट्रसंत मनोज्ञाचार्य श्री पुलक सागर जी गुरुदेव का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। अस्पताल चौराहे से महावीर नगर तक बैंड-बाजों के साथ निकली शोभायात्रा में उमड़ा भक्तों का सैलाब। आचार्य श्री ने वर्ष 2026 के लिए जैन समाज को दिया उत्थान का संकल्प। प्रवचन और महाआरती के साथ डूंगरपुर में अध्यात्म का नया सवेरा।

डूंगरपुर। वागड़ अंचल की ऐतिहासिक नगरी डूंगरपुर में गुरुवार की सुबह भक्ति और श्रद्धा के एक नए अध्याय का साक्षी बनी। दिगंबर जैन समाज के सुप्रसिद्ध राष्ट्रसंत मनोज्ञाचार्य श्री पुलक सागर जी गुरुदेव का ससंघ मंगल प्रवेश शहर के अस्पताल चौराहे से महावीर नगर के लिए हुआ, जिसने पूरे वातावरण को 'गुरुदेव के जयकारों' से गुंजायमान कर दिया। बैंड-बाजों की मधुर धुनों, मंगल कलश लिए श्राविकाओं और श्रद्धा से ओत-प्रोत भक्तों के सैलाब के बीच गुरुदेव का यह आगमन किसी महोत्सव से कम नहीं था।
जैसे ही गुरुदेव का ससंघ काफिला अस्पताल चौराहे से आगे बढ़ा, भक्तों ने पुष्प वर्षा कर उनका भावभीना स्वागत किया। महावीर नगर पहुंचने के उपरांत आयोजित भव्य धर्मसभा का शुभारंभ उपस्थित जिन शरणं ट्रस्टियों द्वारा चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। परंपरा का निर्वहन करते हुए श्री महावीर दिगंबर न्यास मंडल के पदाधिकारियों एवं साधु सेवा समिति डूंगरपुर के सदस्यों ने आचार्य श्री को शास्त्र भेंट किए और उनके पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस आध्यात्मिक समागम में गुरुदेव की एक झलक पाने के लिए स्थानीय भक्तों के साथ-साथ जयपुर, उदयपुर और ऋषभदेव से आए अनुयायियों का भी तांता लगा रहा।
अपने ओजस्वी मंगल प्रवचनों में आचार्य श्री पुलक सागर जी ने उपस्थित जनसमूह को नूतन वर्ष 2026 की मंगलकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने न केवल आध्यात्मिक शांति का मार्ग प्रशस्त किया, बल्कि जैन समाज के उत्थान के लिए एक नया लक्ष्य और विजन भी प्रदान किया। गुरुदेव ने प्रेरित करते हुए कहा कि धर्म केवल क्रियाओं में नहीं, बल्कि समाज के कल्याण और चारित्रिक उत्थान में निहित है। कार्यक्रम का कुशल संचालन आनंद जैन द्वारा किया गया, जिन्होंने अपनी प्रभावी वाणी से समागम की गरिमा को बढ़ाए रखा।
इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने वालों में प्रमुख रूप से बालू लाल वोरा, निर्मल जी भंवरा, बसंत लाल दोषी, गजेंद्र जी सत्कार, हर्षवर्धन जैन, नवीन प्रकाश वोरा, हेमंत बि जैन, राजेश डेडुं, कल्याण सागर बोरा, अक्षय गडीया और जिनेंद्र जैन उपस्थित रहे। इनके साथ ही पुलक मंच डूंगरपुर-बिछीवाड़ा और विभिन्न शहरों से आए अनन्य भक्तगणों ने गुरुदेव की अगवानी की। आचार्य श्री के प्रवास के दौरान नगर में अध्यात्म की अविरल धारा बहेगी, जिसके तहत प्रतिदिन प्रातः 9:00 बजे मंगल प्रवचन और सायंकाल 7:00 बजे 'आनंद यात्रा' एवं महाआरती का विशेष आयोजन होगा। गुरुदेव का यह प्रवास डूंगरपुर के लिए सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।

Sudhir jain (Dungarpur)
नाम: सुधीर जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: डूंगरपुर जिला (राजस्थान)
अनुभव: 40 वर्ष
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शैक्षणिक योग्यता (Education)
विज्ञान स्नातक - गणित (B.Sc. Mathematics)
