डूंगरपुर चोरी मामला पुलिस कार्रवाई
डूंगरपुर में श्रीनाथ बंगलोज से 23 लाख के गहने चुराने वाले दो शातिर आरोपी गिरफ्तार, जंगल में मचान बनाकर छिपे थे

तस्वीर में बाएं से दाएं खड़े पुलिसकर्मी और बैठे थानाधिकारी डूंगरपुर में बरामद माल के साथ
डूंगरपुर में श्रीनाथ बंगलोज से 23 लाख रुपए के गहने और नकदी चोरी करने के मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपी गोपाल कृष्ण डामोर (25) और दिनेश खराड़ी (23) वारदात के बाद घने जंगल में पेड़ों के बीच मचान बनाकर छिपे हुए थे। पुलिस ने करीब 48 घंटे की लगातार छानबीन के बाद आधी रात को जंगल में दबिश देकर दोनों को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के दौरान भागने की कोशिश में कॉन्स्टेबल पुष्पेंद्र सिंह गड्ढे में गिरकर घायल हो गए। उनके सिर में चोट लगने पर दो टांके लगाने पड़े।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या, चोरी, लूटपाट और चेन स्नेचिंग सहित 10 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। पूछताछ में उन्होंने श्रीनाथ बंगलोज में चोरी की वारदात के अलावा आठ अन्य घटनाओं को भी कबूल किया है। पुलिस ने चोरी किए गए गहने बरामद कर लिए हैं। अब गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश के साथ उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
बाथरूम के रास्ते घर में घुसे, घी का ऑमलेट बनाकर खाया
कोतवाली थानाधिकारी हिमांशु सिंह राजावत ने बताया कि 11 अक्टूबर की रात शहर के नजदीक बालाडीट स्थित श्रीनाथ बंगलोज में लक्ष्मी प्रजापत के सूने मकान को निशाना बनाया गया था। आरोपी बाथरूम के रास्ते घर में दाखिल हुए। घर के अंदर ही घी का ऑमलेट बनाकर खाया और इसके बाद चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बदमाश मकान से 14 तोला सोने के गहने, करीब आधा किलो चांदी के जेवर, 11 हजार रुपए नकद और दो स्मार्टवॉच चोरी कर फरार हो गए थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।
CCTV फुटेज से मिला सुराग, जंगल से संचालित कर रहे थे गतिविधियां
चोरी का खुलासा करने के लिए पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। संदिग्धों की पहचान होने के बाद गोपाल डामोर और दिनेश खराड़ी की गैंग के सक्रिय होने की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने साथियों के साथ जंगल में छिपकर गतिविधियां संचालित कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने उनके ठिकाने का पता लगाकर गिरफ्तारी की रणनीति तैयार की। करीब 48 घंटे तक छानबीन करने के बाद पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
रात 11 बजे के बाद जंगल में दबिश, मचान से भागने लगे आरोपी
पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों आरोपी गेंजी से आगे गलंदर के घने जंगल में छिपे हुए हैं। पुलिस से बचने के लिए उन्होंने पेड़ों के बीच मचान बना रखा था। दिन के समय पुलिस की हलचल दिखाई देने पर वे अपना ठिकाना छोड़कर भाग जाते थे। इस कारण पुलिस टीम ने रात करीब 11 बजे के बाद जंगल में दबिश देने की योजना बनाई।
दबिश के समय दोनों आरोपी मचान पर छिपे हुए थे। पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही उन्होंने भागने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर उनका पीछा किया और दोनों को पकड़ लिया। इस दौरान आरोपी पुलिसकर्मियों के चंगुल से छूटकर भागने का प्रयास करते रहे। इसी बीच कॉन्स्टेबल पुष्पेंद्र सिंह गड्ढे में गिर गए और उनके सिर में चोट लग गई। घायल कॉन्स्टेबल के सिर में दो टांके लगाने पड़े। इसके बावजूद पुलिस टीम ने कार्रवाई जारी रखते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में कबूली चोरी, बरामद किए गए गहने
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपी पूछताछ में गुमराह करते रहे। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने श्रीनाथ बंगलोज में लक्ष्मी प्रजापत के सूने मकान से गहने, नकदी और अन्य सामान चोरी करने की वारदात कबूल की। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी के गहने बरामद किए।
पूछताछ में दोनों ने इस चोरी के अलावा आठ अन्य वारदातों में शामिल होने की बात भी कबूल की है। पुलिस अब इन घटनाओं से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। साथ ही गैंग के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनकी भूमिका का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
48 घंटे की कार्रवाई में इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका
कार्रवाई में कोतवाली थानाधिकारी हिमांशु सिंह राजावत के साथ एसआई चंदूलाल, एएसआई दिलीप सिंह, गजराज सिंह, नारायणलाल, हेड कॉन्स्टेबल प्रहलाद सिंह और विशेष भूमिका निभाने वाले हेड कॉन्स्टेबल लक्ष्मण सिंह, नरेंद्र सिंह और पुष्पेंद्र सिंह शामिल रहे। तीनों पुलिसकर्मियों ने कई बार जंगल में जाकर आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई। कार्रवाई के दौरान कॉन्स्टेबल पुष्पेंद्र सिंह घायल भी हो गए।
इनके अलावा कॉन्स्टेबल सुरेंद्र सिंह, महिपाल सिंह, दिलीप सिंह, राजवीर सिंह, विकेंद्र सिंह और विशाल ने भी कार्रवाई में सहयोग किया। साइबर सेल से राहुल, भव्यराज सिंह और आदित्य की टीम ने तकनीकी जांच में मदद की। पुलिस टीम ने करीब 48 घंटे तक लगातार छानबीन कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। चोरी के गहनों की बरामदगी और आठ अन्य वारदातों के खुलासे के बाद पुलिस अब गैंग के दूसरे सदस्यों की तलाश में जुटी है।

Sudhir jain (Dungarpur)
नाम: सुधीर जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: डूंगरपुर जिला (राजस्थान)
अनुभव: 40 वर्ष
बीट और विशेषज्ञता (Beats & Coverage)
- स्थानीय समाचार: डूंगरपुर जिले और संबंधित तहसीलों की सभी प्रकार की स्थानीय खबरों की नियमित कवरेज।
- राजनीति एवं धर्म: स्थानीय व जिला स्तरीय राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव, प्रशासनिक नीतियां और धार्मिक आयोजनों व सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर विशेष रिपोर्टिंग।
- क्राइम एवं प्रशासन: कानून-व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई, अदालती मामले और सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली की खबरें।
- शिक्षा एवं स्वास्थ्य: शैक्षणिक संस्थानों की गतिविधियां, विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे, स्वास्थ्य सेवाएं, चिकित्सा शिविर और जनस्वास्थ्य से जुड़े समाचार।
- बिज़नेस: स्थानीय बाजार, व्यापारिक गतिविधियां, लघु उद्योग और आर्थिक विकास से जुड़े विषय।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
विज्ञान स्नातक - गणित (B.Sc. Mathematics)
