डूंगरपुर: NH-48 पर 'पत्थरबाजों' का आतंक, मौत को मात देकर निकला सलूंबर का वरनौती परिवार
डूंगरपुर के NH-48 पर पत्थरबाजों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बिछीवाड़ा में अहमदाबाद से लौट रहे सलूंबर के प्रवीण वरनौती और उनके परिवार की चलती कार पर अज्ञात बदमाशों ने पथराव कर दिया। हमले में कार क्षतिग्रस्त हुई लेकिन परिवार बाल-बाल बचा। पुलिस की सख्ती के बावजूद बढ़ती इन घटनाओं ने यात्रियों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

डूंगरपुर। राजस्थान के डूंगरपुर जिले में नेशनल हाईवे-48 अब यात्रियों के लिए किसी डरावने सपने से कम नहीं रह गया है। एक ओर जहां जिला पुलिस अधीक्षक अपराधियों की नकेल कसने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बेखौफ पत्थरबाजों ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को खुली चुनौती दे डाली है। गुरुवार की रात बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र में एक बार फिर हाईवे पर चलती कार को निशाना बनाया गया, जिससे न केवल एक परिवार की जान पर बन आई, बल्कि क्षेत्र में दहशत का माहौल और गहरा गया है। अंधेरे का फायदा उठाकर किए जा रहे इन हमलों ने आमजन के मन में यात्रा को लेकर खौफ पैदा कर दिया है, जिसका सीधा असर अब स्थानीय पर्यटन और कारोबार पर भी दिखने लगा है।
यह खौफनाक मंजर सलूंबर के सालवी मोहल्ला निवासी प्रवीण वरनौती के परिवार के साथ गुजरा। प्रवीण वरनौती अपनी पत्नी मीना कुमारी सालवी और अपने दो मासूम बेटों प्रतीक व कविस वरनौती के साथ मकर संक्रांति की छुट्टियां मनाकर अहमदाबाद से वापस अपने घर लौट रहे थे। हंसी-खुशी का माहौल उस वक्त चीखों में बदल गया जब बिछीवाड़ा के पास घात लगाकर बैठे अज्ञात असामाजिक तत्वों ने उनकी चलती कार पर भारी पत्थरों से हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले में एक बड़ा पत्थर कार के बोनट पर जा लगा, जिससे एक जोरदार धमाका हुआ और कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
कार के भीतर मौजूद महिलाएं और बच्चे इस अचानक हुए हमले से बुरी तरह सहम गए। गनीमत रही कि पत्थर विंडस्क्रीन पर नहीं लगा, अन्यथा कांच टूटकर अंदर बैठे प्रतीक या कविस को गंभीर रूप से घायल कर सकता था। ड्राइवर की सीट पर मौजूद प्रवीण वरनौती ने आपा नहीं खोया और सूझबूझ का परिचय देते हुए कार की रफ्तार बढ़ा दी, जिससे वे हमलावरों के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकल सके। इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर रात्रि गश्त और सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है।
इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि इन अज्ञात बदमाशों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इन पत्थरबाजों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो भविष्य में कोई बड़ी जनहानि हो सकती है। फिलहाल, बिछीवाड़ा पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन हाईवे पर सन्नाटे के बीच उड़ते ये पत्थर अब आम मुसाफिरों के लिए जानलेवा पहेली बन चुके हैं।

Pratahkal Bureau
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