डूंगरपुर: संस्कार भारती ने गेप सागर की पाल पर सूर्य देव को दिया अर्घ्य
चैत्र प्रतिपदा नव वर्ष के अवसर पर सामूहिक संगठन द्वारा गेप सागर की पाल पर मंत्रोच्चार के साथ सूर्य की प्रथम किरण का स्वागत किया गया और ध्येय गीत गाया गया।

डूंगरपुर के गेप सागर की पाल पर विक्रम संवत 2083 के आगमन पर संस्कार भारती द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सूर्य देव को अर्घ्य देते पदाधिकारी और सदस्य।
डूंगरपुर। संस्कार भारती इकाई डूंगरपुर द्वारा चेत्र प्रतिपदा नव वर्ष विक्रम संवत 2083 गुरुवार को गैप सागर की पाल पर सामूहिक विभिन्न संगठन द्वारा प्रातः 6:45 पर ताम्र पात्र में जल एवं पुष्प लेकर ओम सूर्याय नमः के जाप के साथ सूर्य की प्रथम किरण को अर्घ्य चढ़ाया गया। इस पावन अवसर पर इससे पूर्व रूपेश शाह द्वारा ध्येय गीत का गायन किया गया।
प्रकृति के सौंदर्य और आत्म शक्ति के जागरण का पर्व
समारोह को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश जेठवा ने बताया कि "आज प्रकृति का सौंदर्य रूप परिवर्तन का दिन देश की अस्मिता स्थिरता व स्वत्व निर्माण में आत्म शक्ति का जागरण है सृजन की कला का धर्म है।" उन्होंने आगे कहा कि "अतः संस्कार भारती में इस दिवस की महत्वपूर्ण भूमिका है।" संस्कार भारती इकाई डूंगरपुर द्वारा चेत्र प्रतिपदा नव वर्ष विक्रम संवत 2083 पर गैप सागर की पाल पर सामूहिक रूप से सूर्य की प्रथम किरण को अर्घ्य प्रदान किया गया।
कला साधकों की गरिमामयी उपस्थिति और प्रसाद वितरण
कार्यक्रम के अंत में समस्त कला साधकों को ऋतु फल प्रसाद का वितरण किया गया। इस भव्य समारोह में भूपेश शर्मा, डॉक्टर सी.पी पवांर, चंद्रकांत मेहता, सूर्य सिंह राठौड़, गिरीश पानेरी, मांगीलाल प्रजापत, राजेंद्र कुमार रावल, विनोद चौबीसा, ओमप्रकाश जेठवा, दिनेश चौबीसा, भारत लाल भोई, राजेश चौबीसा, विनोद पांचाल, हेमलता भोई, मीनाक्षी शर्मा, कल्पना चौबीसा, कृष्णा कंवर, जिनल शाह, विनीत जैन एवं राजेश डेंडु इत्यादि उपस्थित रहे।

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