डूंगरपुर: रमजान में मासूम बच्चों ने रखे रोजे, इबादत के साथ दी परीक्षाएं
राजस्थान के डूंगरपुर में घाटी निवासी अब्दुल रेहमान और उमर हसन ने लगातार दूसरे वर्ष सभी रोजे रखे, वहीं 4 वर्षीय अलीना और 5 वर्षीय अरहान ने भी पहला रोजा पूरा किया।

डूंगरपुर। पवित्र माह रमजान के आगाज के साथ ही इबादत का जो दौर शुरू हुआ था, उसमें बड़ों के कंधे से कंधा मिलाकर मासूम बच्चे भी पूरी शिद्दत से जुटे हुए हैं। बुधवार को 28वें रोजे के संपन्न होने के साथ ही जहां बाजारों में ईद की खरीदारी का उत्साह परवान चढ़ने लगा है, वहीं डूंगरपुर के घाटी क्षेत्र निवासी अब्दुल रेहमान और उमर हसन के अटूट जज्बे की हर ओर चर्चा हो रही है। इसरत-इरफान खान के ये दोनों होनहार पुत्र पिछले दो वर्षों से लगातार पूरे 30 रोजे रखकर अल्लाह की बारगाह में इबादत कर रहे हैं। इस वर्ष भी दोनों भाइयों ने पहले रोजे से ही रोजा रखना प्रारंभ कर दिया था। उल्लेखनीय है कि इस कठिन साधना के बीच इन बच्चों ने अपनी परीक्षाएं भी दीं, जिससे उनकी मानसिक दृढ़ता का परिचय मिलता है। इनके माता-पिता भी स्वयं पूरे रोजे रखकर बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। दोनों भाई इबादत के इस पावन सफर में पूरे मन से समर्पित हैं, जिसकी सराहना उनके रिश्तेदारों और मित्रों द्वारा निरंतर की जा रही है।
इसी क्रम में त्याग और समर्पण की एक और अद्भुत मिसाल घाटी क्षेत्र (हाल मदार कॉलोनी) में देखने को मिली, जहाँ महज 4 साल की मासूम अलीना फातेमा और उसके 5 वर्षीय भाई अरहान हुसैन कंधारी ने अपना पहला रोजा रखकर सभी को हैरत में डाल दिया। इलिसास हुसैन कंधारी के इन दोनों मासूम बच्चों ने इतनी कम उम्र में रोजा मुकम्मल कर अपने परिवार और पूरे मोहल्ले में खुशी की लहर दौड़ दी। परिजनों के अनुसार, अलीना और अरहान ने पूरे उत्साह और उल्लास के साथ अपना पहला रोजा पूरा किया। मोहल्लेवासियों ने भी इन नन्हे रोजेदारों की हिम्मत और जज्बे की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उन्हें ढेरों दुआओं से नवाजा। मासूमों की यह धार्मिक निष्ठा न केवल समाज में चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि यह पर्व की पवित्रता और पारिवारिक संस्कारों की गहराई को भी रेखांकित करती है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
