डूंगरपुर: आदिवासियों के महाकुंभ 'बेणेश्वर मेले' के लिए सजने लगा वागड़ का प्रयाग, प्रशासन ने कसी कमर
डूंगरपुर में 'आदिवासियों के महाकुंभ' बेणेश्वर मेला 2026 की तैयारियां तेज। जिला कलक्टर अंकित कुमार सिंह के निर्देशन में एडीएम और विधायक की मौजूदगी में हुई बैठक में सुरक्षा, सफाई और परिवहन व्यवस्थाओं पर दिए गए कड़े निर्देश। जानें 29 जनवरी से शुरू होने वाले इस भव्य आयोजन की पूरी रणनीति।

डूंगरपुर। राजस्थान के सुदूर दक्षिण में स्थित वागड़ की पवित्र धरा पर आस्था का सैलाब उमड़ने को तैयार है। 'आदिवासियों के महाकुंभ' के रूप में विश्वविख्यात बेणेश्वर मेले (2026) के भव्य आयोजन को लेकर प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जिला कलक्टर अंकित कुमार सिंह के कुशल निर्देशन में इस महापर्व की पूर्व तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए सांवला स्थित बेणेश्वर धाम पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
अतिरिक्त जिला कलक्टर दिनेश चंद्र धाकड़ की अध्यक्षता और आसपुर विधायक उमेश डामोर की विशिष्ट उपस्थिति में हुई इस बैठक में सुरक्षा से लेकर स्वच्छता तक के हर पहलू पर बारीकी से मंथन किया गया। आगामी 29 जनवरी से 1 फरवरी तक आयोजित होने वाले इस मुख्य मेले में लाखों की संख्या में उमड़ने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्थाओं का खाका तैयार किया है।
सुरक्षा और सुविधाओं का कड़ा पहरा
बैठक के दौरान एडीएम दिनेश चंद्र धाकड़ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्य मेले के दौरान पुलिया पर बैरिकेटिंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने घाटों की सघन सफाई, झाड़ियों की कटिंग और पूरे परिसर में पर्याप्त विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। सुरक्षा के लिहाज से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। पेयजल, चिकित्सा व्यवस्था और अतिरिक्त बसों के परिवहन को लेकर भी विस्तृत कार्ययोजना साझा की गई। विधायक उमेश डामोर ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए पार्किंग और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
स्वच्छता और व्यवस्थापन पर विशेष जोर
मेले को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए सफाई प्रभारियों की नियुक्ति के साथ-साथ जगह-जगह कचरा पात्र और मूवेबल शौचालय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आस्था के इस संगम पर आने वाले किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो, यह प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रशासनिक अमला रहा मुस्तैद
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़, टीएडी उपायुक्त डॉ. सत्य प्रकाश कसवा, संबंधित उपखंड अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सांखला और तहसीलदार सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही विकास अधिकारी साबला और मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी बलवंत सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव साझा किए। बेणेश्वर धाम, जो सोम, माही और जाखम नदियों के पवित्र संगम पर स्थित है, एक बार फिर भक्ति, संस्कृति और परंपरा के अनूठे संगम का गवाह बनने जा रहा है।

Pratahkal Bureau
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