डूंगरपुर पुलिस की मिसाल: खाकी ने पेश की ईमानदारी की अनूठी नजीर, दंपत्ति के चेहरे पर लौटाई मुस्कान
डूंगरपुर में खाकी का मानवीय चेहरा आया सामने! नया बस स्टैंड पर बैग खो चुके जवाहर कटारा और कलावती के लिए कांस्टेबल विकेंद्र सिंह और राजवीर सिंह बने मददगार। 10,000 रुपये और दस्तावेजों से भरा बैग लौटाकर पुलिस ने पेश की ईमानदारी की मिसाल। शहर कोतवाल अजय सिंह राव की मौजूदगी में दंपत्ति को सौंपी गई उनकी अमानत। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

डूंगरपुर। ईमानदारी की चमक आज भी समाज में बरकरार है, और जब यह मिसाल कानून के रखवालों द्वारा पेश की जाए, तो जनता का खाकी पर विश्वास और अधिक गहरा हो जाता है। राजस्थान के डूंगरपुर शहर में कुछ ऐसा ही वाकया सामने आया है, जहाँ पुलिस की सतर्कता और नेकदिली ने एक निर्धन दंपत्ति की खून-पसीने की कमाई को डूबने से बचा लिया। नया बस स्टैंड इलाके में अपनी जमा-पूंजी खो चुके एक दंपत्ति के लिए कोतवाली पुलिस के जवान फरिश्ता बनकर सामने आए और पूरी पारदर्शिता के साथ उनका खोया हुआ बैग लौटाया।
घटनाक्रम की शुरुआत करीब दो पखवाड़े पूर्व हुई थी, जब घटाऊ निवासी जवाहर पुत्र कालू कटारा अपनी पत्नी कलावती के साथ डूंगरपुर शहर आए थे। नया बस स्टैंड रोड पर आवाजाही के दौरान उनका रुपयों और आवश्यक दस्तावेजों से भरा बैग अचानक कहीं गिर गया। बैग में दस हजार रुपये से अधिक की नकद राशि मौजूद थी, जो इस ग्रामीण परिवार के लिए एक बड़ी रकम थी। बैग गुम होने की जानकारी मिलते ही दंपत्ति के पैरों तले जमीन खिसक गई और उन्होंने तुरंत बस स्टैंड पुलिस चौकी पहुंचकर अपनी व्यथा सुनाई।
शहर कोतवाल अजय सिंह राव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सक्रियता दिखाई। इसी दौरान कोतवाली पुलिस के दो जांबाज कांस्टेबलों, विकेंद्र सिंह राव और राजवीर सिंह चौहान को गश्त के दौरान सड़क पर लावारिस हालत में यह बैग मिला। बैग को सुरक्षित थाने ले जाया गया, जहाँ उसकी जांच करने पर उसमें नकदी और पहचान संबंधी दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवार से संपर्क किया और उन्हें थाने आने का संदेश भिजवाया।
कोतवाली थाने में जब जवाहर कटारा और उनकी पत्नी कलावती पहुंचे, तो पुलिस प्रशासन ने पूरी कानूनी प्रक्रिया और दस्तावेजों का सत्यापन किया। तस्दीक होने के बाद शहर कोतवाल अजय सिंह राव की उपस्थिति में कांस्टेबल विकेंद्र सिंह राव और राजवीर सिंह चौहान ने वह बैग दंपत्ति को सुपुर्द कर दिया। अपने खोए हुए रुपयों और कीमती कागजों को वापस पाकर दंपत्ति की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने हाथ जोड़कर डूंगरपुर पुलिस का आभार व्यक्त किया। यह घटना न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर मुहर लगाती है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा ही किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी है।

Sudhir jain (Dungarpur)
नाम: सुधीर जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: डूंगरपुर जिला (राजस्थान)
अनुभव: 40 वर्ष
बीट और विशेषज्ञता (Beats & Coverage)
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शैक्षणिक योग्यता (Education)
विज्ञान स्नातक - गणित (B.Sc. Mathematics)
