डूंगरपुर: 1.50 लाख की रिश्वत लेते हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल गिरफ्तार
दोवड़ा थाने के पुलिसकर्मियों ने ठगी के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं करने के बदले मांगी थी घूस; एसीबी ने जाल बिछाकर पकड़ा।

डूंगरपुर में एसीबी की कार्रवाई के बाद पकड़े गए दोवड़ा थाने के हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार पाटीदार (बाएं) और कॉन्स्टेबल प्रकाश पाटीदार (दाएं)।
डूंगरपुर में एसीबी ने दोवड़ा थाने के हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार पाटीदार और कॉन्स्टेबल प्रकाश पाटीदार को 1.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। हालांकि, रिश्वत की राशि अभी तक बरामद नहीं हो पाई है। रिश्वत लेने के बाद दोनों पुलिसकर्मी अपनी कार से मौके से फरार हो गए थे। एसीबी टीम ने बाद में उन्हें पुनाली के आगे एक होटल के बाहर से पकड़ा। एसीबी अब रिश्वत की राशि बरामद करने का प्रयास कर रहा है।
ठगी के मामले में मांगी थी घूस
यह रिश्वत लोकेट ऐप के जरिए लोगों से ठगी के एक मामले में FIR दर्ज नही करने की एवज में ली गई थी। एसीबी डूंगरपुर के डीएसपी रतनसिंह राजपुरोहित ने बताया कि इस संबंध में 18 जनवरी को एक परिवादी ने ब्यूरो में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जबरन गाड़ी में बैठाया और दी धमकी
परिवादी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि वह इंडियन पेट्रोल पंप के पास नयागांव में खड़ा था, तभी दोवड़ा थाने की एक पुलिस गाड़ी उसके पास आकर रुकी। गाड़ी में बैठे पुलिसकर्मी ने उससे "निलेश पुत्र केवजी पाटीदार निवासी नयागांव का घर" पूछा। जब परिवादी ने निलेश के घर का पता नहीं होने की बात कही, तो पुलिसकर्मी ने उसका नाम पूछा और उसका मोबाइल ले लिया।
पुलिसकर्मी ने परिवादी का मोबाइल खोलकर देखा और उस पर "लोकेन्टो खेलकर लोगों के साथ ठगी करने" का आरोप लगाया। यह कहते हुए कि "उसके मोबाइल में बहुत सारे लेन-देन हो रखे हैं", पुलिसकर्मी उसे गाड़ी में बैठाकर दोवड़ा थाने की तरफ ले जाने लगे।
मुकदमे और जेल का दिखाया डर
परिवादी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि रास्ते में पुलिसकर्मी ने अपना नाम प्रकाश पाटीदार बताया और कहा कि "वह सीआई साहब से बात करके उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होने देगा और मोबाइल भी वापस कर देगा।" उसने परिवादी को "ऑनलाइन गेम खेलकर ठगी करने और मुकदमा दर्ज होने पर जिंदगी खराब होने, महीनों तक जमानत नहीं मिलने" की धमकी भी दी। इसके बाद उसे बागदरी के पास उतार दिया और अपना मोबाइल नंबर दिया।
2 लाख की मांग और एसीबी का सत्यापन
परिवादी ने एसीबी में दी शिकायत में बताया कि पुलिस वालों ने 2 लाख रूपए लेकर की मांग की और कहा कि केस दर्ज नहीं होने देंगे। 20 से 24 जनवरी तक परिवादी के भाई ने कॉन्स्टेबल प्रकाश पाटीदार से कई बार फोन पर बात की। कॉन्स्टेबल प्रकाश ने "थाने पर आकर मिलने के लिए कहा और 2 लाख मांगे।"
शिकायत पर एसीबी ने 28 जनवरी को सत्यापन कराया गया। जिसमें आरोपी कॉन्स्टेबल प्रकाशचन्द्र पटेल और हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार पाटीदार ने रिश्वत में 1.50 लाख रुपए मांगने की पुष्टि हुई। इस पर एसीबी की टीम ने बुधवार देर रात को ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया।
कार में घूस लेकर हुए फरार
एसीबी ने परिवादी को डेढ़ लाख रुपए लेकर भेजा। हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल परिवादी को कार में बैठाकर दोवड़ा थाने के सामने से फलोज तिराहे तक ले गए। जहां रिश्वत की राशि कार के डैश बोर्ड पर रखवा दी। इसके बाद कार लेकर वापस थाने के पास पहुंचे और उसे उतार दिया। इसके बाद दोनों कार लेकर दोवड़ा तिराहे की ओर रवाना हो गए।
होटल के पास से हुई गिरफ्तारी
एसीबी टीम इशारा मिलते ही थाने के पास पहुंची, लेकिन रिश्वत की राशि लेकर हेड कॉन्स्टेबल अशोक और कॉन्स्टेबल प्रकाश कार से भाग गए। एसीबी ने देर रात तक उनकी तलाश करते हुए आसपुर रोड पर एक होटल के पास से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन उनकी तलाशी में रिश्वत में लिए गए रुपए बरामद नहीं हुए है। ऐसे में एसीबी की टीम अब रिश्वत की राशि बरामदगी के प्रयास कर रही है। वही उनसे रिश्वत के बारे में पूछताछ कर रही है, लेकिन दोनों ने अब तक इस बारे में कोई भी जानकारी एसीबी को नहीं दी है।

Sudhir jain (Dungarpur)
नाम: सुधीर जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: डूंगरपुर जिला (राजस्थान)
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विज्ञान स्नातक - गणित (B.Sc. Mathematics)
