डूंगरपुर जिले की बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने चैन स्नेचिंग की वारदातों का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों ने डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा जिलों में आधा दर्जन से अधिक चैन स्नेचिंग की वारदातें करना कबूल किया है। पुलिस आरोपियों से अन्य वारदातों और गिरोह से जुड़े मामलों को लेकर गहन पूछताछ कर रही है।

मामले की शुरुआत उदयपुर जिले के कनबई निवासी अमृतदेवी कलाल (65) की शिकायत से हुई। अमृतदेवी ने 13 अप्रैल को बिछीवाड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह करौली में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद भुवनेश्वर मंदिर जा रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार दो युवकों ने उनके गले से करीब 17 ग्राम वजनी सोने की चैन झपट ली और मौके से फरार हो गए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए बिछीवाड़ा थानाधिकारी कैलाशचन्द्र सोनी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी जांच और लगातार तलाश के बाद पुलिस ने संदिग्धों की पहचान कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने बिछीवाड़ा की घटना के अलावा प्रतापगढ़ जिले के पीपलखूंट, बांसवाड़ा जिले के घाटोल तथा डूंगरपुर जिले के चिखली और सरोदा क्षेत्रों में भी चैन स्नेचिंग की वारदातें करना स्वीकार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह लंबे समय से अलग-अलग क्षेत्रों में महिलाओं को निशाना बनाकर वारदातों को अंजाम दे रहा था।

पुलिस ने संजयदास निवासी कोलखण्डा खास थाना दोवड़ा, दिनेश खराड़ी, किरीट खराड़ी और गोपाल डामोर निवासी नवाघरा थाना चौरासी को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर अन्य वारदातों और गिरोह के नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है। लगातार सामने आ रही वारदातों के बीच इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

Pratahkal Bureau

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