डूंगरपुर। राजस्थान नर्सेज भर्ती संघर्ष समिति ने जिले के कलेक्ट्रेट पर अपनी नाराजगी और मांगों को जोरदार प्रदर्शन के माध्यम से व्यक्त किया। संगठन के सदस्यों ने नियमित भर्ती की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा, जिसे उन्होंने अपने खून से लिखा।

संगठन के प्रतिनिधि विरल वैष्णव ने बताया कि नर्सिंग ऑफिसर के 12 हजार और महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के 7 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द जारी करवाने की मांग के तहत यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि संगठन ने यह कदम प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत उठाया है। प्रदर्शन के दौरान नर्सिंगकर्मियों ने अपने शरीर से खून निकाला और उसी खून का उपयोग कर ज्ञापन तैयार किया, जिसमें उन्होंने सरकार से नई भर्ती प्रक्रिया को तत्काल लागू करने की गुहार लगाई।

नर्सिंगकर्मियों ने विशेष रूप से यह मांग रखी कि भर्ती प्रक्रिया पूर्ववर्ती नियमों के अनुसार साल 2018 और 2023 में हुई प्रक्रियाओं के अनुरूप हो, और चिकित्सा नियम 1965 के तहत मेरिट तथा बोनस अंक को आधार बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले 8 से 10 वर्षों से विभाग में काम कर रहे नर्सिंगकर्मियों को प्राथमिकता मिले, जिससे उन्हें स्थायी आजीविका का साधन मिल सके। वर्तमान में हजारों नर्सिंगकर्मी कम वेतन पर बंधुआ मजदूरी जैसे हालात में कार्य कर रहे हैं।

प्रदर्शन के समापन पर नर्सिंगकर्मियों ने खून से लिखे गए ज्ञापन को जिला कलेक्टर को सौंपते हुए मांग की कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से लेकर जल्द समाधान करे। विरल वैष्णव ने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन केवल नर्सिंगकर्मियों के हितों और उनकी स्थायी रोजगार सुरक्षा के लिए किया गया था।

यह आंदोलन न केवल डूंगरपुर में बल्कि पूरे राजस्थान में नर्सिंगकर्मियों की समस्याओं और भर्ती प्रक्रिया की अनिश्चितता पर ध्यान आकर्षित करता है।

Pratahkal Bureau

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