डूंगरपुर। अवांछित और लावारिस नवजातों को सुरक्षित जीवन प्रदान करने के सरकारी दावों की कलई डॉ. हरिदेव जोशी सामान्य चिकित्सालय के पालनागृह की बदहाली ने खोल दी है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायिक अधिकारी किरण कुमार चौहान द्वारा किए गए औचक निरीक्षण ने अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता को उजागर किया है। प्राधिकरण द्वारा पूर्व में कई बार कड़े लिखित निर्देश दिए जाने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन द्वारा न्यायिक आदेशों की अवहेलना करना प्रशासनिक विफलता का परिचायक है।

अस्पताल परिसर में व्याप्त अव्यवस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कहीं भी 'पालनागृह दिशा-सूचक बोर्ड' नहीं लगा है, जिससे मजबूर व्यक्तियों को नवजात को सुरक्षित छोड़ने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ती है। परिसर में 'नो पार्किंग' बोर्ड के नीचे अवैध वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आपातकालीन मार्ग बाधित मिला। निरीक्षण के दौरान पालनागृह के भीतर का दृश्य भयावह था। जिस पालने में नवजातों को रखा जाना है, वह महीनों की धूल से सना था और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बावजूद वहां पंखे तक की सुविधा नहीं थी। साफ बेडशीट के अभाव और परिसर में पसरी गंदगी से संक्रमण का गंभीर खतरा बना हुआ है।

सबसे चिंताजनक पहलू पालनागृह के 'अलार्म सिस्टम' का पूरी तरह से मृत और नदारद होना है। सुरक्षा में बड़ी सेंध लगाते हुए नवजातों को रिसीव करने का मुख्य द्वार स्थायी रूप से बंद पाया गया, जबकि पालनागृह के अंदर दूसरा वार्ड संचालित हो रहा था। बिना पहचान बोर्ड, अलार्म और बंद मुख्य द्वार की स्थिति में यदि कोई नवजात को छोड़ दे, तो स्टाफ को घंटों भनक तक नहीं लगेगी, जो सीधे तौर पर मासूमों के जीवन को जोखिम में डालने जैसा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव के औचक निरीक्षण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अस्पताल प्रबंधन न केवल न्यायिक आदेशों के प्रति उदासीन है, बल्कि नवजातों के जीवन की सुरक्षा के प्रति भी गंभीर नहीं है।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story