डूंगरपुर: स्वच्छता में लापरवाही पर 80 VDO को नोटिस और एक निलंबित
डूंगरपुर जिला प्रशासन ने स्वच्छता अभियान में कोताही बरतने पर 110 अधिकारियों पर कार्रवाई की, जिसमें 80 को नोटिस, 30 को चार्जशीट और एक को निलंबित किया गया है।

डूंगरपुर। जिले में ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था को पटरी पर लाने और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के लिए जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। स्वच्छता अभियान में घोर लापरवाही बरतने के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए 80 ग्राम विकास अधिकारियों (VDO) को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं, जबकि 30 अन्य अधिकारियों को चार्जशीट थमाई गई है। इसी क्रम में कर्तव्य में निरंतर कोताही बरतने पर एक ग्राम विकास अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस औचक और सख्त कार्रवाई से संपूर्ण जिला प्रशासन और ग्राम पंचायतों में हड़कंप मच गया है।
जिला प्रशासन द्वारा गांवों की सूरत बदलने के लिए सड़कों और नालियों की सफाई, सार्वजनिक स्थलों एवं सामुदायिक शौचालयों के नियमित रखरखाव हेतु निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इस व्यापक कार्ययोजना में घर-घर कचरा संग्रहण सहित ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण आयाम शामिल हैं। मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय सप्ताह के मंगलवार एवं बुधवार को विशेष स्वच्छता अभियान अनिवार्य रूप से संचालित किए जाएं। इन अभियानों का मुख्य ध्येय गांवों के मुख्य मार्गों, बाजारों, बस स्टैंडों तथा पर्यटक एवं ऐतिहासिक स्थलों को गंदगी मुक्त करना है। इसके साथ ही लिगेसी वेस्ट के निस्तारण, कचरा संग्रहण केंद्रों की सक्रियता और सामुदायिक शौचालयों की सुचारू कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया है। गौरतलब है कि जनवरी माह से अब तक पांच बार सघन स्वच्छता अभियान चलाए जा चुके हैं।
अनुशासनिक कार्रवाई की पृष्ठभूमि निरीक्षण के दौरान तैयार हुई, जिसमें कुल 110 ग्राम पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था अत्यंत सोचनीय और खराब पाई गई। इन पंचायतों में ग्राम विकास अधिकारियों द्वारा नियमित सफाई कार्य सुनिश्चित नहीं कराया जा रहा था। अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल पहाड़िया ने बताया कि हिराता, पारडा मोरू, आंतरी, झोंथरी और गैंजी ग्राम पंचायतों के औचक निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थाएं उजागर हुईं। इस निरीक्षण के आधार पर दो अधिकारियों को नोटिस और दो को चार्जशीट दी गई, वहीं गैंजी ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी को उनकी निरंतर लापरवाही के कारण निलंबित कर दिया गया। प्रशासन ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि स्वच्छता मानकों में किसी भी प्रकार की शिथिलता भविष्य में और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई को आमंत्रित करेगी।
एक ओर जहां ग्रामीण क्षेत्रों में सख्ती दिखाई दे रही है, वहीं जिला मुख्यालय पर स्थिति इसके विपरीत बनी हुई है। शहर के भीतरी और बाहरी क्षेत्रों में गंदगी का अंबार लगा रहता है, लेकिन अधिकारियों की दृष्टि कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक ही सीमित है, जिससे प्रभावी सफाई व्यवस्था का अभाव स्पष्ट झलकता है। नगर परिषद में सफाई निरीक्षक का पद लंबे समय से रिक्त होने के कारण मॉनिटरिंग व्यवस्था ध्वस्त है। इसके अतिरिक्त, शहर में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि पिछले दो पखवाड़ों में ही करीब एक दर्जन लोग इनका शिकार होकर घायल हो चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की कानूनी पेचीदगियों का हवाला देकर प्रशासन इन कुत्तों को पकड़ने में असमर्थता जता रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। शासन और प्रशासन की यह बेरुखी स्थानीय नागरिकों के लिए गहरी चिंता का विषय बनी हुई है।

Sudhir jain (Dungarpur)
नाम: सुधीर जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: डूंगरपुर जिला (राजस्थान)
अनुभव: 40 वर्ष
बीट और विशेषज्ञता (Beats & Coverage)
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शैक्षणिक योग्यता (Education)
विज्ञान स्नातक - गणित (B.Sc. Mathematics)
