डूंगरपुर: ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में केमिस्टों का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट पर सौंपा ज्ञापन
ई-फार्मेसी की मनमानी और अवैध ऑनलाइन दवाओं के कारोबार के खिलाफ डूंगरपुर के केमिस्टों ने एक दिवसीय हड़ताल कर सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

डूंगरपुर। ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी कंपनियों की बेलगाम कार्यप्रणाली के विरोध में डूंगरपुर जिले के दवा विक्रेताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। डूंगरपुर डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट अलायंस के आह्वान पर जिलेभर के केमिस्टों ने एक दिवसीय पूर्ण हड़ताल कर अपनी दुकानें बंद रखीं, जिससे जिले की दवा वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। अपनी मांगों के समर्थन में लामबंद हुए दवा विक्रेताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के उदासीन रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे केमिस्टों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इंटरनेट के माध्यम से दवाओं की अवैध बिक्री का कारोबार निरंतर पैर पसार रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर छोटे दवा विक्रेताओं का अस्तित्व संकट में पड़ गया है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के बावजूद ये कंपनियां धड़ल्ले से अपना कारोबार संचालित कर रही हैं। दवा विक्रेताओं ने याद दिलाया कि कोरोना महामारी की विकट परिस्थिति में जब प्रशासन और आमजन के बीच वे एक ढाल की तरह खड़े थे और जान जोखिम में डालकर दवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की थी, तब आज उपेक्षा का शिकार होना उनके मनोबल को तोड़ रहा है।
प्रदर्शन के उपरांत दवा विक्रेताओं ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। साथ ही, वैध और सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के बिना दवाओं की होम डिलीवरी को पूर्णतः प्रतिबंधित करने और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा दी जा रही अत्यधिक छूट पर लगाम लगाने की पुरजोर मांग की गई। केमिस्टों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने समय रहते इन अवैध गतिविधियों पर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो भविष्य में आंदोलन का स्वरूप और अधिक उग्र किया जाएगा।

