डूंगरपुर: ब्लैकमेलिंग के मामले में सुधांशु छाजेड़ समेत 6 पर इस्तगासा
उदयपुर निवासी सुधांशु छाजेड़ ने मानसी जैन सहित 6 लोगों पर प्रताड़ना और रुपए मांगने का इस्तगासा दायर किया, पुलिस जांच में जुटी।

आसपुर थाना क्षेत्र से उपजा एक विवाद अब कथित ब्लैकमेलिंग, धमकियों और रुपए ऐंठने के गंभीर आरोपों के साथ चर्चाओं के केंद्र में आ गया है। उदयपुर के हिरणमगरी सेक्टर-11 निवासी सुधांशु छाजेड़ ने न्यायालय में इस्तगासा पेश कर पूंजपुर निवासी मानसी जैन सहित छह लोगों के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रार्थी ने अपनी शिकायत में हेमेंद्र, मिताश जैन, हेमेंद्र जैन, मनीषा जैन, सुशील कुमार और आसपुर निवासी प्रवीण कुमार कोठारी को पक्षकार बनाते हुए उन पर मानसिक प्रताड़ना और रुपए मांगने का आरोप लगाया है।
विवाद की जड़ें करीब डेढ़ वर्ष पूर्व हुई एक सगाई से जुड़ी हैं। प्रवीण कुमार कोठारी के अनुसार, उस समय उनके भांजे का रिश्ता मानसी जैन के साथ तय हुआ था। कोठारी का आरोप है कि उसी दौरान सुधांशु छाजेड़ की ओर से मोबाइल पर कॉल कर लगातार सगाई तोड़ने का दबाव बनाया जा रहा था। इस संबंध में डूंगरपुर कोतवाली और आसपुर थाने में अज्ञात कॉल के जरिए मिल रही धमकियों की शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। कोठारी के मुताबिक, सुधांशु युवती को पूर्व से जानता था और विवाह को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
घटनाक्रम के दौरान ही मानसी जैन ने सुधांशु छाजेड़ के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया था, जो बाद में आपसी सहमति से सुलझ गया। सूत्रों के अनुसार, सामाजिक प्रतिष्ठा को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से दोनों पक्षों ने लिखित समझौता किया था कि भविष्य में इस प्रकरण को लेकर कोई भी पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप नहीं करेगा।
अब डेढ़ वर्ष के अंतराल के बाद सामने आए रुपए मांगने के आरोपों ने पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। इस पर प्रवीण कुमार कोठारी ने स्वयं को मामले से पूरी तरह असंबंधित बताया है। उन्होंने कहा कि उनका इस प्रकरण से कोई सीधा संबंध नहीं है और केवल आरोप लगाने मात्र से कोई दोषी सिद्ध नहीं हो जाता। कोठारी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में पुलिस स्तर पर इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है, जिसके बाद ही 'दूध का दूध और पानी का पानी' हो पाएगा। उन्होंने सुधांशु छाजेड़ पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके खिलाफ उदयपुर के सवीना थाने में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं और लोगों को मुकदमों में फंसाना उसका पेशा बन चुका है। जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे विवाद की असलियत स्पष्ट हो सकेगी।

