डूंगरपुर (प्रातःकाल संवाददाता)। लेक व्यू होटल के द्वितीय तल, नया बस स्टैंड पर आयोजित सात दिवसीय 'श्री भागवत कथा अमृत पारायण एवं सत्संग महोत्सव' के चतुर्थ दिवस पर बुधवार को आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। पंड्या ज्योतिष ग्रुप एवं मंदिर कमेटी के तत्वावधान में 18 मई से 24 मई तक संचालित इस धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। कथा के चौथे दिन कथावाचक भूपेंद्र भाई पंड्या ने श्रीमद्भागवत, महाभारत और रामायण के प्रेरक प्रसंगों को अत्यंत भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया।

कथावाचक ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन करते हुए धर्म स्थापना और भक्तों के प्रति उनकी अगाध करुणा को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईश्वर सदैव अपने शरणागत भक्तों की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। प्रवचन के दौरान महाभारत के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने धर्मराज युधिष्ठिर की सत्यनिष्ठा और अर्जुन के कर्तव्यबोध पर प्रकाश डाला। श्रीकृष्ण द्वारा दिए गए धर्म और कर्म के संदेशों को उन्होंने आज के युग के लिए अत्यंत प्रभावी बताया।

महोत्सव में रामायण के प्रसंगों ने भी श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रभु श्रीराम के आदर्श चरित्र, माता-पिता के प्रति उनके अटूट समर्पण, भ्रातृ प्रेम और मर्यादाओं के महत्व को कथावाचक ने श्रद्धालुओं के समक्ष रखा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि रामायण और महाभारत मात्र ग्रंथ नहीं, अपितु जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाले आदर्श मार्गदर्शक हैं। उपस्थित श्रद्धालुओं को लोभ, मोह, क्रोध और अहंकार का परित्याग कर प्रेम, सेवा, सदाचार और मानवता के पथ पर चलने का पावन संदेश दिया गया। कथा के दौरान पूरा आयोजन स्थल भक्ति रस से सराबोर रहा और श्रद्धालु भक्तिमय वातावरण में भावविभोर दिखाई दिए। इस आध्यात्मिक महोत्सव के माध्यम से जनमानस में धर्म और संस्कृति के प्रति गहरी निष्ठा और वैचारिक चेतना का संचार हो रहा है।

Pratahkal HQ

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