डूंगरपुर: 1 लाख की रिश्वत लेते एएसआई और दलाल गिरफ्तार, तूफान से भारी तबाही
डूंगरपुर में एसीबी ने एएसआई मदनलाल और दलाल को रंगे हाथों पकड़ा, वहीं भीषण आंधी-तूफान से शहर की बिजली गुल और संपत्ति का नुकसान।

डूंगरपुर। वागड़ अंचल के डूंगरपुर जिले में बुधवार को प्रकृति के रौद्र रूप और भ्रष्टाचार के विरुद्ध बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई का दोहरा घटनाक्रम देखने को मिला। दिनभर की भीषण उमस के बाद देर शाम अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान में काले बादलों के डेरे के साथ ही शाम 7 बजे के बाद कड़कती बिजली और तूफानी हवाओं ने पूरे शहर को अपनी आगोश में ले लिया। महज 30 मिनट तक चली इस विकराल बारिश और आंधी ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। तूफान की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे विशाल होर्डिंग्स धराशायी हो गए और कई दुकानों के टिन शेड व बोर्ड उड़कर सड़कों पर आ गिरे। बारिश शुरू होते ही संपूर्ण शहर की बिजली गुल हो गई, जिससे अंधेरा छा गया। तूफानी वेग के कारण दुपहिया वाहन चालकों को सड़क पर संतुलन बनाना दूभर हो गया, वहीं सब्जी मंडियों में अचानक आई इस विपदा से विक्रेताओं में अपने माल को बचाने के लिए अफरा-तफरी मच गई। आधे घंटे की इस मूसलाधार बारिश ने भीतरी शहर की सड़कों को दरिया में तब्दील कर दिया और नालियों का कचरा सड़कों पर फैल गया। बिजली निगम का दूरभाष व्यस्त रहने के कारण देर रात तक आपूर्ति बहाल होने का कोई ठिकाना नहीं रहा।
इसी प्राकृतिक उथल-पुथल के बीच, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर डूंगरपुर इकाई ने कार्रवाई करते हुए साइबर पुलिस थाना के सहायक उप निरीक्षक मदनलाल के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए दलाल एवं पूर्व पार्षद डायालाल पाटीदार को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एसीबी महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता के अनुसार, आरोपी एएसआई मदनलाल ने एक परिवादी को उसकी बेटी और जमाई सहित धोखाधड़ी के झूठे मामले में फंसाने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर धमकाया था। इस मुकदमे से नाम निकालने और मदद करने के एवज में भारी रिश्वत मांगी गई थी। 05 मई 2026 को शिकायत के सत्यापन के बाद आज उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन और पुलिस उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में एसीबी टीम ने जाल बिछाया। दलाल डायालाल पाटीदार जैसे ही एएसआई के लिए एक लाख रुपये की राशि ले रहा था, टीम ने उसे दबोच लिया। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव एवं महानिरीक्षक श्रीमती एस परिमला के निर्देशन में आरोपियों से पूछताछ जारी है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है।

