डूंगरपुर (प्रातःकाल संवाददाता)। राजस्थान के डूंगरपुर में धार्मिक उत्साह और अटूट श्रद्धा का एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला, जहां हाउसिंग बोर्ड शिवाजी नगर स्थित श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 23वां पाटोत्सव वर्ष 2026 एवं भव्य ध्वजा परिवर्तन कार्यक्रम पूरी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। परम पूज्य आर्यिका 105 शशांक मति माताजी के पावन एवं मंगल सानिध्य में आयोजित इस भव्य धार्मिक महोत्सव ने संपूर्ण क्षेत्र को भक्तिमय परिवेश में सराबोर कर दिया, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर अपनी गहरी आस्था प्रकट की।

शताब्दी के इस महत्वपूर्ण धार्मिक उत्सव का शुभारंभ प्रातःकाल की पावन बेला में मंत्रोच्चार के साथ श्रीजी भगवान के भव्य जलाभिषेक एवं शांतिधारा के साथ हुआ। देव-शास्त्र-गुरु की उपस्थिति में आयोजित इस पवित्र अनुष्ठान का अद्वितीय पुण्य लाभ उठाने का सौभाग्य दीपेश प्रीति जैन, नरेंद्र कुमार, वरदा वाले, सौरभ, रश्मि और सतीश कुमार जैन शाह परिवार को प्राप्त हुआ। इसके साथ ही, श्रद्धा और समर्पण के चरम क्षणों के बीच आयोजित हुए विशेष पंचामृत अभिषेक का परम सौभाग्य जयंती लाल चित्तोडा परिवार वाले ने अर्जित किया।

अभिषेक और शांतिधारा की पूर्णाहुति के पश्चात जैन समाज के श्रावकों द्वारा विधि-विधान से नियमित पूजन पाठ संपन्न किया गया, जिसके बाद अलौकिक इन्द्रध्वज पूजा की शुरुआत हुई। इन्द्रध्वज महामंडल विधान के भजनों और धार्मिक क्रियाओं ने उपस्थित जनसमुदाय को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस ऐतिहासिक महोत्सव के सबसे मुख्य और प्रतीक्षित कार्यक्रम, यानी मंदिर के शिखर पर ध्वजा परिवर्तन (पाटोत्सव) का सर्वोच्च लाभ उठाने का गौरव आशा देवी पारस जैन गौरियात परिवार, पाराड़ा इटिवार वालों को मिला, जिन्होंने जयकारों की गूंज के बीच मंदिर की नई ध्वजा फहराई। इस पावन पाटोत्सव आयोजन ने न केवल जैन समाज की एकता और प्राचीन परंपराओं की जीवंतता को रेखांकित किया, बल्कि संपूर्ण डूंगरपुर क्षेत्र में एक नई आध्यात्मिक चेतना का संचार भी किया।

Pratahkal HQ

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