शिरपूर में दिव्यांग विद्यार्थियों की कलाकारी से सजी दिवाली, स्वावलंबन के लिए शुरू किया अनूठा बिक्री स्टॉल
शिरपूर के अनाथ मतिमंद मुलांचे बालगृह के दिव्यांग विद्यार्थियों ने दिवाली पर अपने हाथों से दीये और लक्ष्मी माता की मूर्तियां तैयार की हैं। 02 नवंबर 2026 को बिक्री स्टॉल का उद्घाटन हुआ। जानें इस पहल का उद्देश्य और बिक्री केंद्र का पता।

शिरपूर के बालगृह के दिव्यांग विद्यार्थियों ने दिवाली के लिए दीये और मूर्तियां तैयार कीं।
महाराष्ट्र के धुले जिले के शिरपूर में दिव्यांग विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और हुनर से दिवाली को खास बनाने की पहल की है। अनाथ मतिमंद मुलांचे बालगृह के विद्यार्थियों ने अपने हाथों से आकर्षक दीये और लक्ष्मी माता की मूर्तियां तैयार की हैं। इन कलाकृतियों को आम नागरिकों के लिए बिक्री हेतु उपलब्ध कराया गया है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के कलागुणों को प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।
कै. बापुसो एन. जेड. मराठे विधायक संस्था, थाळनेर द्वारा संचालित अनाथ मतिमंद मुलांचे बालगृह, शिरपूर में विद्यार्थियों के बौद्धिक और सर्वांगीण विकास के लिए वर्षभर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न त्योहारों का महत्व समझाने, भारतीय संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने तथा उनकी प्रतिभा को मंच देने का प्रयास किया जाता है।
इसी क्रम में इस वर्ष दिवाली के अवसर पर विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया। उन्होंने साधारण मिट्टी के दीयों को अपने हाथों से आकर्षक रंगों से सजाया और उन्हें सुंदर रूप दिया। इसके बाद इन दीयों को आकर्षक ट्रे में पैक किया गया।
इसके साथ ही विद्यार्थियों ने लक्ष्मी पूजन के लिए आवश्यक लक्ष्मी माता की मूर्तियां भी स्वयं तैयार कीं। इन मूर्तियों को आकर्षक रंगों से सजाकर तैयार किया गया है। विद्यार्थियों की मेहनत और रचनात्मकता से तैयार इन कलाकृतियों की बिक्री के लिए स्टॉल लगाया गया है।
विद्यार्थियों की कलाकृतियों के बिक्री स्टॉल का उद्घाटन 02 नवंबर 2026 को सामाजिक कार्यकर्ता माननीय सौ. सनेर मैडम के शुभ हाथों किया गया।
संस्था के संस्थापक अध्यक्ष मा. डॉ. भगवानजी तलवारे सर के मार्गदर्शन में यह संस्था पिछले कई वर्षों से बौद्धिक रूप से अक्षम विद्यार्थियों की शिक्षा, पुनर्वास, व्यक्तित्व विकास और स्वावलंबन के लिए लगातार विभिन्न गतिविधियां संचालित कर रही है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल वस्तुओं का निर्माण या बिक्री करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना, उन्हें काम करने का अवसर देना, आत्मविश्वास बढ़ाना और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करना है।
संस्था ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस दिवाली विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए दीये और लक्ष्मी माता की मूर्तियां खरीदकर उनके प्रयासों को प्रोत्साहित करें। बालगृह के विद्यार्थियों की कलाकृतियां आम नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। नागरिकों से बिक्री स्टॉल पर पहुंचकर कलाकृतियां खरीदने और विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाने का आग्रह किया गया है।
संस्था के अनुसार, नागरिकों की छोटी-सी खरीद भी विद्यार्थियों के लिए बड़ी प्रेरणा बन सकती है। इससे उनके चेहरे पर खुशी बढ़ेगी और दिवाली का त्योहार उनके लिए अधिक आनंददायी तथा यादगार बनेगा।
यह पहल दिव्यांग विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देने के साथ दिवाली के उत्सव में उनकी सहभागिता को भी प्रोत्साहित करती है।
कलाकृतियों का बिक्री केंद्र अनाथ मतिमंद मुलांचे बालगृह, जोगेश्वरी नगर, मांडळ शिवार, शिरपूर, जिला धुले में स्थित है।
संपर्क के लिए ९९२१५९०१४६ और ९१६८६८६८७६ नंबर उपलब्ध कराए गए हैं।

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