महाराष्ट्र के शिरपूर तालुका के टेंभेपाडा स्थित जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय में दिवाली के अवसर पर भारत विकास परिषद की शिरपूर शाखा ने 240 आदिवासी विद्यार्थियों को दिवाली फराळ और पटाखे वितरित किए। सोमवार, 2 नवंबर 2026 को आयोजित इस सेवाभावी कार्यक्रम के माध्यम से दुर्गम आदिवासी क्षेत्र के विद्यार्थियों को दिवाली की खुशियों में शामिल किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली।

भारत विकास परिषद, शिरपूर शाखा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक दिवाली का आनंद पहुंचाना और दुर्गम आदिवासी क्षेत्र के विद्यार्थियों के चेहरों पर मुस्कान लाना था। कार्यक्रम के दौरान परिषद के सदस्यों ने विद्यार्थियों से बातचीत की और उनके साथ दिवाली की खुशियां साझा कीं। फराळ और पटाखे मिलने के बाद विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों के सामूहिक गीतगायन ने उपस्थित अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया। स्कूल के विद्यार्थियों ने कराओके ट्रैक की सहायता से सुंदर और तालबद्ध सामूहिक गीत प्रस्तुत किया। उनके आत्मविश्वास, गायन में एकरूपता और उत्साह को देखकर उपस्थित मान्यवर प्रभावित हुए। इस प्रस्तुति के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र के विद्यार्थियों में मौजूद प्रतिभाओं को शिक्षकों की ओर से मिल रहे प्रोत्साहन की झलक भी सामने आई।

दिवाली के अवसर पर स्कूल के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर आकर्षक गडकिल्ले भी तैयार किए थे। इन कलाकृतियों में विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता, रचनात्मकता और इतिहास के प्रति रुचि दिखाई दी। उपस्थित मान्यवरों ने विद्यार्थियों की इस पहल की विशेष सराहना की।

दुर्गम आदिवासी क्षेत्र में स्थित स्कूल की स्वच्छता, अनुशासित वातावरण, विद्यार्थियों के संस्कार और आत्मविश्वास के साथ शिक्षकों की उनके प्रति आत्मीयता देखकर भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों ने संतोष व्यक्त किया।

मान्यवरों ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षक जिस तरह मेहनत कर रहे हैं, वह सराहनीय है। शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहन देना तथा विद्यार्थियों में संस्कार विकसित करना महत्वपूर्ण है।

उन्होंने यह भी कहा कि केवल किताबी शिक्षा तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों की प्रतिभा को अवसर देना, उनमें आत्मविश्वास विकसित करना और संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करना अन्य स्कूलों के लिए भी प्रेरणादायी है।

इस सेवाभावी कार्यक्रम में भारत विकास परिषद, शिरपूर शाखा के अध्यक्ष डॉ. आशिष अग्रवाल, महिला समन्वयक डॉ. राखी अग्रवाल, सचिव श्री प्रकाश महाजन और सेवा समन्वयक डॉ. अनिल पाटील उपस्थित रहे। पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें दिवाली फराळ वितरित किया।

इस कार्यक्रम पर लगभग 15 हजार रुपये खर्च किए गए। भारत विकास परिषद के सदस्यों और समाज के दानशील हितचिंतकों के आर्थिक सहयोग से यह पहल सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

कार्यक्रम में स्कूल के मुख्याध्यापक श्री साहेबराव पावरा के साथ शिक्षक श्री सुनील पावरा, श्री जंगलसिंग पावरा, श्री विनायक पालवे, श्री संदीप चव्हाण और सौ. स्नेहल पाटील उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन श्री अशोक सोनवणे ने किया, जबकि उपस्थित लोगों का आभार श्री ताराचंद पावरा ने व्यक्त किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्कूल के सभी शिक्षकों ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

भारत विकास परिषद, शिरपूर शाखा समाज के जरूरतमंद और वंचित वर्गों तक सहायता पहुंचाने, सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और सेवाभावी गतिविधियों के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से लगातार विभिन्न उपक्रम आयोजित करती रही है।

दिवाली जैसे आनंद के त्योहार में दुर्गम क्षेत्र के विद्यार्थियों को शामिल कर उनके चेहरों पर मुस्कान लाने की यह पहल सामाजिक संवेदनशीलता का उदाहरण बनी। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अपने आनंद में दूसरों को सहभागी बनाना और उनके जीवन में खुशियों का प्रकाश फैलाना ही दिवाली का वास्तविक अर्थ है।

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