महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के शहादा तालुका स्थित हिंगणी गांव में जय श्री चक्रपाणी प्रभु भजनी मंडल पारंपरिक भजनों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता का अभियान चला रहा है। मंडल के पुरुष और महिला सदस्य भक्ति के साथ सामाजिक प्रबोधन को जोड़ते हुए समाज में फैली अज्ञानता, अंधविश्वास और कुरीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक कर रहे हैं। हागणदारी मुक्त गांव, अंधविश्वास उन्मूलन, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को लेकर मंडल सामाजिक परिवर्तन की दिशा में पहल कर रहा है।

जय श्री चक्रपाणी प्रभु भजनी मंडल के सदस्यों का मानना है कि भजन केवल ईश्वर की आराधना का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने का प्रभावी साधन भी है। इसी विचार के तहत मंडल के पुरुष सदस्य विभिन्न सामाजिक विषयों पर भजनों के जरिए जनजागरण कर रहे हैं। इनमें हागणदारी मुक्ति, कन्या भ्रूण हत्या रोकना, अंधविश्वास उन्मूलन, साक्षरता का महत्व, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति जैसे विषय शामिल हैं।

ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों तक सामाजिक संदेश सरलता से पहुंचाने के लिए भजन, गीत और प्रबोधनपरक विचारों का सहारा लिया जाता है। मंडल के माध्यम से लोगों को स्वच्छता का महत्व समझाने, अपने आसपास का परिसर साफ रखने के लिए प्रोत्साहित करने, शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता बताने का प्रयास किया जा रहा है।

मंडल की ओर से कन्या भ्रूण हत्या रोकने, महिलाओं का सम्मान बनाए रखने और समाज में स्त्री-पुरुष समानता की भावना विकसित करने के लिए भी जागरूकता फैलाई जा रही है। इसके साथ ही लोगों से अंधविश्वास से दूर रहकर विवेकवादी दृष्टिकोण अपनाने और नशे से बचकर स्वस्थ जीवन जीने का आह्वान किया जाता है।

धार्मिक परंपराओं का संरक्षण करते हुए सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराने में जय श्री चक्रपाणी प्रभु भजनी मंडल के पुरुष सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके इस प्रयास के माध्यम से भक्ति के साथ सामाजिक एकता, स्वच्छता, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश ग्रामीण नागरिकों तक पहुंचाया जा रहा है।

इस पुरुष भजनी मंडल में गोकुळ पटेल, प.पु.प.म. देमेराज बाबा, प.पु.प.म. जितेंद्र मुनी बाबा, प.पु.प.म. तिलकराज बाबा, काशिनाथ गोविंद पटेल, भगवान पुना पटेल, भाईदास रतन पटेल, यशवंत भीमजी पटेल, छगन काळू पटेल, ईश्वर गोविंद पटेल, बापू हिलाल पवार, चंद्रकांत अशोक पटेल, जगदीश मराठे और सुहास पाटील सहित अन्य सदस्य शामिल हैं। पारंपरिक भजनों को सामाजिक जागरूकता का माध्यम बनाकर मंडल धार्मिक गतिविधियों के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव के संदेश प्रसारित कर रहा है।

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