mahila business loan yojana in india : देश में महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देने की दिशा में बैंक और सरकार मिलकर लगातार प्रयास कर रहे हैं। आज भी बड़ी संख्या में महिलाएं बेहतर व्यावसायिक विचार और इच्छाशक्ति होने के बावजूद पूंजी के अभाव में अपने सपनों को साकार नहीं कर पातीं। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सरकारी और बैंकिंग योजनाएं लागू की गई हैं, जो महिलाओं को बिना या न्यूनतम जमानत पर व्यवसाय शुरू करने का अवसर देती हैं।

इन योजनाओं के तहत महिलाओं को सूक्ष्म, लघु और मध्यम स्तर के उद्योगों के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुद्रा लोन योजना के माध्यम से 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को छोटे और सूक्ष्म व्यवसायों के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिल सके। वहीं, सेंट-कल्याणी योजना के अंतर्गत महिलाओं को एक करोड़ रुपये तक का पूरी तरह तारणमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जो बड़े व्यवसायिक विस्तार की राह खोलता है।

आईसीआईसीआई बैंक की स्वयंसहायता समूह आधारित योजना महिलाओं को बिना किसी जमानत के दस लाख रुपये तक का ऋण प्रदान करती है, जिससे समूह आधारित उद्यमों को मजबूती मिलती है। इसी तरह, पंजाब नेशनल बैंक की उद्योजिका योजना महिलाओं को दस लाख रुपये तक का ऋण, तीन वर्ष की ओवरड्राफ्ट सुविधा और लगभग सात प्रतिशत ब्याज दर पर तीन से पांच वर्षों की लचीली पुनर्भुगतान अवधि प्रदान करती है।

इसके अतिरिक्त, स्टैंड अप इंडिया योजना के तहत महिलाओं को स्टार्टअप और ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के लिए एक करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना में 18 महीने का मोरेटोरियम और सात वर्षों में ऋण चुकाने की सुविधा दी जाती है, जिससे नए व्यवसायों को स्थिर होने का समय मिल सके।

इन योजनाओं का उद्देश्य केवल वित्तीय सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर देश की आर्थिक वृद्धि में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। सही जानकारी और सही अवसर के साथ ये योजनाएं महिला उद्यमियों के लिए भविष्य की मजबूत नींव साबित हो सकती हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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