दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर की शाम हुए भीषण बम धमाके ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। केंद्र सरकार ने इसे आतंकी हमला घोषित किया है। अब इस हमले की जांच ने एक चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है — इसके तार हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ते नजर आ रहे हैं।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस हमले का मास्टरमाइंड आतंकी उमर मोहम्मद, जो अल-फलाह यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रह चुका था, पूरे मॉड्यूल का प्रमुख संचालक था। जांच में सामने आया है कि हाल ही में फरीदाबाद में उजागर हुए आतंकी नेटवर्क के कई सदस्य इसी यूनिवर्सिटी से जुड़े थे। एजेंसियों ने मुजम्मिल शकील नामक एक और संदिग्ध को गिरफ्तार किया है, जो विश्वविद्यालय से संबंध रखता था।

सूत्रों के अनुसार, यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग नंबर 17 के कमरे नंबर 13 को आतंकियों की गुप्त मीटिंग का अड्डा बनाया गया था, जहां से दिल्ली में हुए धमाके की साजिश रची गई। जांच एजेंसियों ने यूनिवर्सिटी परिसर से कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि आखिर “अल-फलाह” शब्द का अर्थ क्या है।

‘अल-फलाह’ शब्द का अर्थ और धार्मिक संदर्भ :

अरबी भाषा का शब्द ‘अल-फलाह’ (Al-Falah) का अर्थ होता है सफलता, समृद्धि और मुक्ति। इस्लामिक संदर्भ में यह उस व्यक्ति को दर्शाता है जो अल्लाह के मार्ग पर चलता है और आध्यात्मिक सफलता प्राप्त करता है। कुरान की कई आयतों में इस शब्द का उल्लेख है और अजान के दौरान भी यह शब्द सुनाई देता है। धार्मिक रूप से यह शब्द एक सकारात्मक और शुभ अर्थ रखता है।

यूनिवर्सिटी पर बढ़ती जांच और कानूनी कार्रवाई की आशंका :

धमाके से जुड़े नाम सामने आने के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) ने यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया है। परिषद का आरोप है कि विश्वविद्यालय ने अपनी वेबसाइट पर झूठी मान्यता दिखाई है। NAAC ने सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है कि क्यों उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई न की जाए और भविष्य में मान्यता प्रक्रिया से उसे अयोग्य क्यों न ठहराया जाए। साथ ही UGC और NMC को भी विश्वविद्यालय की मान्यता की पुनः समीक्षा करने की सिफारिश की गई है।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी का इतिहास और पृष्ठभूमि :

अल-फलाह यूनिवर्सिटी की स्थापना वर्ष 1995 में अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा की गई थी। यह विश्वविद्यालय लगभग 70 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, मेडिकल कॉलेज और 650 बिस्तरों वाला अस्पताल शामिल है। हरियाणा सरकार से अधिनियमित यह यूनिवर्सिटी बाद में UGC से भी मान्यता प्राप्त कर चुकी है और इंजीनियरिंग, मेडिकल तथा अन्य विषयों में डिग्री प्रदान करती है।

दिल्ली धमाके के बाद सामने आए इस संबंध ने शिक्षा जगत और सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया है। अब यह मामला सिर्फ एक आतंकी हमले की जांच नहीं रहा, बल्कि यह सवाल भी उठा रहा है कि कहीं शिक्षा संस्थान आतंकवादियों के छिपे ठिकाने तो नहीं बनते जा रहे हैं। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक जांच में जुटी हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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