दिल्ली की सर्द सुबहों में एक बार फिर धुंध की मोटी चादर छाई हुई है। शहर की हवा में हल्का सुधार जरूर दर्ज किया गया है, लेकिन राहत इतनी नहीं कि लोगों के चेहरे पर संतोष लौट सके। राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अभी भी ‘गंभीर’ श्रेणी में बना हुआ है, जो साफ संकेत देता है कि प्रदूषण का संकट अब भी अपने चरम पर है। हवा में मौजूद जहरीले कणों की सांद्रता लगातार बढ़ती जा रही थी, और मौजूदा सुधार के बावजूद स्थिति सामान्य होने से काफी दूर है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, कई इलाकों में AQI में थोड़ी गिरावट देखी गई है, लेकिन कुल मिलाकर यह स्तर 400 से ऊपर ही बना हुआ है, जो गंभीर श्रेणी का सूचक है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम, हल्की हवाओं और रात के तापमान में लगातार गिरावट के कारण प्रदूषण की परत नीचे जमती जा रही है, जिससे लोगों को सांस लेना तक मुश्किल हो रहा है।

दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों जैसे आनंद विहार, रोहिणी, पंजाबी बाघ और द्वारका में प्रदूषण का स्तर बेहद ऊंचा दर्ज किया गया है। सुबह और शाम के वक्त दृश्यता भी प्रभावित हो रही है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। अस्पतालों में सांस की तकलीफ, खांसी, अस्थमा और आंखों में जलन जैसे मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

सरकारी एजेंसियों ने इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत कई प्रतिबंध जारी रखे हुए हैं। निर्माण कार्यों पर रोक, डीजल वाहनों की जांच, सड़क पर पानी का छिड़काव और प्रदूषण फैलाने वाले औद्योगिक यूनिटों पर सख्त निगरानी जैसे कदम लागू हैं। फिर भी, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि जब तक बाहरी स्रोतों से प्रदूषण का प्रवाह कम नहीं होता विशेषकर पराली जलाने और प्रतिकूल मौसम स्थितियों के कारण दिल्ली की हवा में स्थायी सुधार की उम्मीद जल्द नहीं की जा सकती।

मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि अगले कुछ दिनों में हवा की दिशा और गति में संभावित बदलाव से हल्का सुधार देखने को मिल सकता है, लेकिन इस सुधार की स्थायित्व पर अभी स्पष्ट बयान देना संभव नहीं है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे अनावश्यक बाहर न निकलें, एन-95 मास्क का उपयोग करें और विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषण के चरम समय में सुरक्षित रखें।

राजधानी की हवा में यह मामूली सुधार भले राहत का संकेत माना जा रहा हो, लेकिन गंभीर श्रेणी में टिके प्रदूषण स्तर यह बताते हैं कि समस्या अब भी जटिल और लगातार बनी हुई है। दिल्लीवासियों के लिए साफ हवा का सपना अभी दूर लगता है, और आने वाले दिनों में यह चुनौती और कठिन हो सकती है यदि प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को और प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया।

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Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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