Sameer Wankhede Defamation Case : दिल्ली उच्च न्यायालय में एक नया ड्रामा तब शुरू हुआ जब शाहरुख खान के स्वामित्व वाली रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट ने आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े की याचिका का विरोध किया। वानखेड़े ने नेटफ्लिक्स पर प्रदर्शित वेब सीरीज़ "द बैड्स ऑफ़ बॉलीवुड" पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी। इस सीरीज़ का निर्देशन आर्यन खान ने किया है।

न्यायालय में पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि शो केवल अति उत्साही अधिकारियों से प्रेरित है, और इसका कॉर्डेलिया क्रूज़ मामले से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि व्यंग्य और कल्पना का सम्मिश्रण कानून के खिलाफ नहीं है और इसमें दुर्भावना का कोई तत्त्व नहीं है।

रेड चिलीज़ की ओर से दलील दी गई कि सीरीज़ में 20 अलग-अलग मुद्दों पर कथानक विकसित किया गया है और किसी सरकारी अधिकारी या किसी विशेष घटना का चित्रण नहीं किया गया। अधिवक्ता ने यह भी कहा कि बॉलीवुड की बुराइयों को उजागर करने में किसी अधिकारी की आलोचना स्वाभाविक है और इसके लिए निर्माताओं को स्वतंत्रता का अधिकार है।

शुक्रवार को न्यायालय ने नेटफ्लिक्स की ओर से तर्क सुनने के लिए सुनवाई निर्धारित की है। यह मामला मीडिया और मनोरंजन उद्योग में संवेदनशील विषयों पर फिल्म और वेब सीरीज़ के अधिकार और सीमाओं को लेकर चर्चा का केंद्र बन गया है।

इस विकास से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय मनोरंजन उद्योग में कल्पना और वास्तविक घटनाओं के बीच संतुलन बनाए रखना और स्वतंत्र अभिव्यक्ति की रक्षा करना एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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