लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने टोडरमल पार्क में ऑटो चालकों से मिलकर ईंधन की बढ़ती कीमतों और भीषण गर्मी में काम करने की परिस्थितियों की जानकारी ली।

Rahul Gandhi met auto drivers Delhi : देश की राजधानी दिल्ली में इस समय आसमान से बरसती आग और रिकॉर्ड तोड़ते पारे के बीच सियासत के गलियारों से लेकर जमीन तक हलचल तेज हो गई है। इसी जानलेवा हीटवेव के बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अचानक दिल्ली की सड़कों पर उतरे और एक ऐसा कदम उठाया जिसने राजनीतिक हलकों से लेकर आम जनता के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। अपनी चिर-परिचित सफेद शर्ट पहने राहुल गांधी बंगाली मार्केट के पास स्थित टोडरमल पार्क पहुंचे, जहां उन्होंने तपती दोपहर में दिल्ली की लाइफलाइन कहे जाने वाले ऑटो चालकों के साथ न सिर्फ मुलाकात की, बल्कि उनके साथ जमीन पर बैठकर खाना भी खाया। भीषण गर्मी और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे इन मजदूरों के बीच राहुल गांधी का यह अनौपचारिक और अचानक पहुंचना, उनके उस निरंतर जनसंपर्क का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत वे लगातार समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों की आवाज बनने की कोशिश कर रहे हैं।

इस अनौपचारिक बैठक के दौरान का नजारा बेहद भावुक और जमीनी हकीकत को बयां करने वाला था। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कैसे टोडरमल पार्क में एक पेड़ की घनी छांव के नीचे राहुल गांधी और ऑटो चालकों का एक समूह बेहद करीब बैठकर बातचीत कर रहा है। दिल्ली की इस असहनीय गर्मी में ऑटो चलाने वाले इन ड्राइवरों ने विपक्ष के नेता के सामने अपने दिल के सारे दर्द खोलकर रख दिए। उन्होंने राहुल गांधी को बताया कि कैसे ईंधन (सीएनजी और पेट्रोल) की लगातार बढ़ती कीमतों ने उनकी दैनिक कमाई को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है, जिससे उनके परिवारों का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है। इसके साथ ही, ड्राइवरों ने काम करने की बेहद कठिन परिस्थितियों और चिलचिलाती धूप में घंटों गाड़ी चलाने से सेहत पर पड़ने वाले बुरे असर के बारे में भी विस्तार से बात की। राहुल गांधी ने भी बेहद संजीदगी के साथ उनके जीवन से जुड़े हर छोटे-बड़े पहलू पर गहन सवाल पूछे और उनकी समस्याओं को समझा।

इस मुलाकात के ठीक बाद एक और ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने इस पूरे घटनाक्रम को एक नया और बेहद चर्चा का विषय बना दिया। बैठक खत्म होने के कुछ समय बाद राहुल गांधी को उनके आवास के बाहर एक ऑटो चालक की पारंपरिक 'खाकी वर्दी' पहने हुए देखा गया। इस खाकी पोशाक में उनकी तस्वीरें आते ही कांग्रेस समर्थकों और राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे उनके जमीनी जुड़ाव और प्रतीकात्मक राजनीति का एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक करार दिया। समर्थकों ने राहुल गांधी के इस बेहद जमीनी और व्यावहारिक दृष्टिकोण की जमकर सराहना की। सोशल मीडिया पर लोग इस कदम की तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में देशवासियों को दी गई भीषण गर्मी से बचने और हाइड्रेटेड रहने (पानी पीने) की प्रशासनिक सलाह से करने लगे, जहां समर्थकों का तर्क था कि राहुल गांधी सिर्फ सलाह देने के बजाय खुद तपती धूप में उतरकर संकट का सामना कर रहे लोगों के साथ खड़े हैं।


आधिकारिक और रणनीतिक मोर्चे पर देखा जाए तो राहुल गांधी का यह कदम देश के श्रमिक वर्ग और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों तक सीधे अपनी पहुंच स्थापित करने के उनके पुराने पैटर्न के बिल्कुल अनुकूल है। इससे पहले भी वे देश के विभिन्न हिस्सों में कुलियों, ट्रक ड्राइवरों, मैकेनिकों और किसानों से मिलकर उनकी समस्याओं को राष्ट्रीय पटल पर उठाते रहे हैं। विपक्ष के नेता के तौर पर उनकी इस भूमिका को आगामी संसद सत्रों में सरकार को घेरने की एक ठोस तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है, जहां वे ईंधन की कीमतों और आर्थिक असमानता जैसे मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा कर सकते हैं।

इस पूरे घटनाक्रम का समापन इस बात की तस्दीक करता है कि भारतीय राजनीति अब केवल बंद कमरों या बड़ी रैलियों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसका असली फैसला जमीन पर पसीना बहाने वाले आम नागरिकों के बीच हो रहा है। दिल्ली की इस रिकॉर्ड तोड़ गर्मी में ऑटो चालकों के साथ राहुल गांधी की यह मुलाकात और फिर खाकी वर्दी धारण करना महज एक राजनीतिक इवेंट नहीं है, बल्कि यह देश के असंगठित क्षेत्र के उन लाखों श्रमिकों की आर्थिक दुर्दशा और उनके संघर्षों को मुख्यधारा की राजनीति के केंद्र में लाने का एक बड़ा प्रयास है, जिसका असर आने वाले समय में देश की राजनीतिक दिशा और नीतियों पर साफ देखने को मिल सकता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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