नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जिसे जेवर एयरपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है, अब देश की विमानन व्यवस्था में एक नए अध्याय की शुरुआत करने जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस अत्याधुनिक एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ान सेवाएं अगले सप्ताह से शुरू होने जा रही हैं, जबकि इसकी औपचारिक वाणिज्यिक उड़ान शुरुआत की तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है। इस परियोजना के साथ दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में विमानन कनेक्टिविटी के एक नए युग का आगमन माना जा रहा है।

एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन 28 मार्च 2026 को किया गया था, जिसके बाद इसे परीक्षण और तैयारियों के विभिन्न चरणों से गुजरते हुए अब पूर्ण यात्री संचालन की ओर अग्रसर किया जा रहा है। आधिकारिक योजनाओं के अनुसार, इंडिगो इस एयरपोर्ट से उड़ान संचालन शुरू करने वाली पहली एयरलाइन होगी और 15 जून को पहली वाणिज्यिक उड़ान संचालित किए जाने की संभावना है। इसके अगले ही दिन, यानी 16 जून से अकासा एयर भी अपने परिचालन की शुरुआत करेगी, जो शुरुआती चरण में बेंगलुरु और नवी मुंबई जैसे मार्गों पर सेवाएं दे सकती है। वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस के प्रारंभिक लॉन्च में शामिल होने की संभावना थी, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार उसने शुरुआती चरण से अपने संचालन को स्थगित कर दिया है।

प्रारंभिक चरण में इस एयरपोर्ट से कई प्रमुख घरेलू गंतव्यों को जोड़ा जाएगा, जिनमें बेंगलुरु, मुंबई, हैदराबाद, लखनऊ, जम्मू और अमृतसर जैसे महत्वपूर्ण शहर शामिल हैं। यह कनेक्टिविटी चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई जाएगी, जिससे यात्रियों को देश के विभिन्न हिस्सों तक बेहतर और तेज़ हवाई सुविधा उपलब्ध हो सके। आगामी जुलाई 2026 से इंडिगो द्वारा विस्तार योजना के तहत श्रीनगर, जयपुर, देहरादून, धर्मशाला, चंडीगढ़, भोपाल, बरेली, पंतनगर और नवी मुंबई जैसे शहरों को भी जोड़े जाने की तैयारी है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण लगभग 1 रनवे और 1 यात्री टर्मिनल के साथ विकसित किया गया है, जिसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों तक अनुमानित की गई है। इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाद दूसरा प्रमुख विमानन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। हालांकि, शुरुआती संचालन चरण में यात्रियों के लिए कनेक्टिविटी सीमित रहेगी। एयरपोर्ट पर फिलहाल मेट्रो और रेल लिंक उपलब्ध नहीं होगा, जिसके कारण यात्रियों को केवल सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ेगा। शुरुआती दौर में कैब और निजी वाहनों के माध्यम से ही एयरपोर्ट तक पहुंच संभव होगी।

यह परियोजना न केवल दिल्ली-एनसीआर की बढ़ती हवाई यातायात आवश्यकताओं को संतुलित करने में मदद करेगी, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के लिए आर्थिक और परिवहन विकास का नया मार्ग भी प्रशस्त करेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह एयरपोर्ट भविष्य में उत्तर भारत के प्रमुख विमानन केंद्रों में शामिल हो सकता है और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई दिशा प्रदान करेगा।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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