NIT Delhi Digital Village Initiative : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को एनआईटी दिल्ली के पांचवें दीक्षांत समारोह में एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जैसे उच्च शिक्षण संस्थान भारत में आदर्श डिजिटल गांवों की परिकल्पना को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। उनका संबोधन न केवल संस्थान की उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि भविष्य के उस डिजिटल भारत की झलक भी था, जो तकनीक के सहारे गांवों को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।

अपने भाषण में राष्ट्रपति ने कहा कि एनआईटी जैसे संस्थान सरल और प्रभावी तकनीकी समाधान विकसित कर ग्रामीण समुदायों को डिजिटल दुनिया से जोड़ सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिजिटल कौशल प्रशिक्षण, उद्योगों के साथ मजबूत साझेदारी और नवाचार आधारित विकास ऐसे क्षेत्रों को बदल सकते हैं, जो लंबे समय से तकनीकी सुविधाओं से दूर रहे हैं। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि एनआईटी दिल्ली जैसे संस्थानों की सक्रिय भागीदारी भारत के ग्रामीण ढांचे को डिजिटल रूप से सशक्त बना सकती है।

उन्होंने डिजिटल इंडिया अभियान की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि इस राष्ट्रीय पहल ने तकनीक को गांव-गांव तक पहुंचाने का अभूतपूर्व काम किया है। तेज़ इंटरनेट, डिजिटल सेवाओं और आधुनिक तकनीकी ढांचे के विस्तार पर सरकार के लगातार प्रयासों ने ग्रामीण क्षेत्रों में नए अवसरों के द्वार खोले हैं। राष्ट्रपति ने इस परिवर्तन को न केवल तकनीकी बदलाव बल्कि सामाजिक-आर्थिक प्रगति की दिशा में उठाया गया निर्णायक कदम बताया।

एनआईटी दिल्ली की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि संस्थान ने बेहद कम समय में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। आधुनिक शैक्षणिक ढांचे, शोध और बहु-विषयक शिक्षा को बढ़ावा देने में इस संस्थान ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने विशेष रूप से स्टार्ट-अप केंद्र और आगामी इनक्यूबेशन सेंटर की सराहना की, जो छात्रों और शिक्षकों में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। ये प्रयास नए विचारों को आकार देने और नवाचारों को व्यवहारिक व्यवसाय मॉडल में बदलने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।

राष्ट्रपति मुर्मु ने देश में विकसित भारत के लक्ष्य की चर्चा करते हुए कहा कि यह यात्रा केवल आर्थिक उन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि समावेशी विकास, पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी प्रगति को भी समान महत्व देती है। उन्होंने मेक इन इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, स्किल इंडिया और उन्नत भारत अभियान जैसी पहलों को राष्ट्र निर्माण के मजबूत स्तंभ बताया।

अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में उन्होंने एनआईटी दिल्ली के छात्रों को निरंतर सीखते रहने, शोध में आगे बढ़ने और नवाचार को जीवन का हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि किसी भी तकनीकी उपलब्धि का असली मूल्य समाज पर उसके सकारात्मक प्रभाव से मापा जाता है। चाहे सतत ऊर्जा प्रणालियों का विकास हो या ग्रामीण समुदायों के लिए सुलभ तकनीक का निर्माण—इन प्रयासों से भारत अधिक न्यायसंगत और सशक्त भविष्य की ओर अग्रसर होगा। राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि एनआईटी दिल्ली के विद्यार्थी अपने ज्ञान और योगदान से न केवल संस्थान, बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाएंगे।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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