flight delay compensation india rules : देशभर में लगातार बढ़ रही उड़ान देरी और रद्द होने की घटनाओं के बीच यात्रियों की परेशानी चरम पर है। कई एयरलाइंस, विशेषकर इंडिगो के अव्यवस्थित संचालन को लेकर शिकायतों की बाढ़ आई है। इसी पृष्ठभूमि में एक बार फिर उन नियमों पर ध्यान गया है, जिन्हें डीजीसीए ने अगस्त 2019 में लागू किया था—ऐसे नियम जो फ्लाइट लेट होने, कैंसल किए जाने या ओवरबुकिंग के कारण बोर्डिंग नकारे जाने पर यात्रियों को स्पष्ट और तय मुआवजा दिलाने के लिए बनाए गए थे। इन नियमों के आधार पर यात्री अपनी स्थिति के अनुसार आर्थिक भरपाई और सुविधाओं का दावा कर सकते हैं।

इन प्रावधानों के अनुसार, देरी की स्थिति में यात्रियों को प्रतीक्षा अवधि के आधार पर मुफ्त भोजन, रिफ्रेशमेंट, वैकल्पिक फ्लाइट या टिकट का पूरा रिफंड मिलता है। जैसे ही देरी दो घंटे से अधिक होती है, यात्री मुफ्त भोजन और रिफ्रेशमेंट के हकदार हो जाते हैं। देरी छह घंटे तक पहुंच जाए तो एयरलाइन को दूसरी फ्लाइट उपलब्ध कराना या टिकट का पूरा धन लौटाना अनिवार्य है। यदि देरी चौबीस घंटे से अधिक बढ़ जाती है, तो यात्रियों के लिए होटल व्यवस्था करना एयरलाइन की जिम्मेदारी हो जाती है।

फ्लाइट कैंसल होने की स्थिति में भी मुआवजा तय है। यदि उड़ान एक घंटे तक की दूरी वाली थी, तो यात्री को 5,000 रुपये या एकतरफा किराया और इंधन शुल्क—जो भी कम हो—देना होता है। एक से दो घंटे की दूरी के लिए यह मुआवजा 7,500 रुपये और दो घंटे से अधिक दूरी वाली उड़ानों के मामले में 10,000 रुपये तक पहुंच जाता है। ओवरबुकिंग की स्थिति में बोर्डिंग नकारे जाने पर मुआवजा और भी सख्ती से लागू होता है। यदि 24 घंटे के भीतर वैकल्पिक फ्लाइट दी जाती है, तो यात्री को उसके मूल किराए के 200 प्रतिशत के बराबर राशि मिलती है। और यदि यह अवधि बढ़ जाती है, तो यह मुआवजा 400 प्रतिशत तक पहुंच जाता है।

कई यात्री इन नियमों की जानकारी के अभाव में मुआवजे का दावा ही नहीं कर पाते। दावा करने के लिए यात्री को अपना बोर्डिंग पास, टिकट, बुकिंग आईडी और अन्य पावत्या संभालकर रखनी होती है। शिकायत एयरलाइन के पोर्टल पर दर्ज की जाती है और एयरलाइन के लिए 30 दिनों के भीतर जवाब देना अनिवार्य है। यदि एयरलाइन शिकायत नहीं मानती, तो यात्री AirSewa पोर्टल पर अपील कर सकता है। रिफंड भी तय समयसीमा के भीतर देना होता है—कैश तुरंत, क्रेडिट कार्ड सात दिनों के भीतर और एजेंट बुकिंग का पैसा एजेंट के माध्यम से लौटाया जाता है।

हालांकि, खराब मौसम, सुरक्षा कारण, प्राकृतिक आपदा या राजनीतिक अशांति जैसे हालात एयरलाइन के नियंत्रण से बाहर माने जाते हैं। ऐसी परिस्थितियों में एयरलाइन मुआवजा देने के लिए बाध्य नहीं होती। बावजूद इसके, नियमित परिस्थितियों में यात्रियों के अधिकार स्पष्ट रूप से निर्धारित हैं, और यह नियम हवाई यात्रा को अधिक सुरक्षित और संतुलित बनाने का प्रयास करते हैं।

देश में बढ़ती उड़ान अव्यवस्थाओं ने इन प्रावधानों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रियों को इन नियमों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे अपने अधिकारों का पूरा लाभ उठा सकें और एयरलाइंस भी अपनी जवाबदेही निभाने के लिए मजबूर हों।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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