कुमार विश्वास के आलीशान घर पर छिड़ी बहस; जानें क्या है केजरीवाल विवाद से जुड़ा मामला
कुमार विश्वास के आलीशान 'होम टूर' ने सोशल मीडिया पर छेड़ी बहस; केजरीवाल के 'शीश महल' पर तंज कसने वाले कवि पर अब लग रहे हैं पाखंड के आरोप। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

कवि कुमार विश्वास दिल्ली में एक सार्वजनिक मंच पर माइक के सामने भाषण देते हुए, जिनके हालिया होम टूर वीडियो ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।
Kumar Vishwas Home Tour Curly Tales : राजनीति और कविता के मंचों पर अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए मशहूर कवि कुमार विश्वास इन दिनों एक नए विवाद के केंद्र में हैं। हाल ही में एक लोकप्रिय यूट्यूब चैनल 'कर्ली टेल्स' (Curly Tales) के लिए अपने आलीशान घर का 'होम टूर' कराने के बाद, कुमार विश्वास पर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में 'पाखंड' के आरोप लग रहे हैं। करीब 60 फुट ऊंची कलाकृति, अत्याधुनिक होम थिएटर और निजी एलिवेटर से सजे इस भव्य आवास ने उस समय हलचल मचा दी, जब आलोचकों ने उनके उस पुराने रुख को याद दिलाया, जिसमें उन्होंने अरविंद केजरीवाल के सरकारी बंगले के नवीनीकरण को लेकर तीखा हमला बोला था।
इस विवाद की जड़ें साल 2024-2025 के उस दौर से जुड़ी हैं, जब दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के 'शीशमहल' कहे जाने वाले सरकारी बंगले में करीब 30 करोड़ रुपये के कथित करदाता-वित्तपोषित अपग्रेड को लेकर भारी हंगामा हुआ था। उस समय आम आदमी पार्टी के पूर्व सह-संस्थापक रहे कुमार विश्वास ने केजरीवाल की विलासिता पर जमकर कटाक्ष किए थे, जिसे चुनाव में पार्टी की हार के एक प्रमुख कारण के रूप में भी देखा गया। अब आलोचकों का तर्क है कि जिस सादगी की वकालत विश्वास दूसरों के लिए करते रहे हैं, उनके अपने घर की भव्यता उससे बिल्कुल विपरीत है।
हालांकि, इस विवाद के बीच कुमार विश्वास के समर्थकों और रक्षकों ने कड़ा मोर्चा संभाल लिया है। उनका तर्क है कि केजरीवाल और विश्वास की स्थितियों में बुनियादी अंतर 'सार्वजनिक धन' (Public Money) का है। जहां केजरीवाल पर सरकारी पैसे के दुरुपयोग के आरोप थे, वहीं कुमार विश्वास का घर उनकी अपनी गाढ़ी कमाई का परिणाम है। जानकारी के अनुसार, कुमार विश्वास प्रति कवि सम्मेलन 10 से 60 लाख रुपये तक की फीस लेते हैं, इसके अलावा उनकी पुस्तकों की बिक्री और विभिन्न कार्यक्रमों से होने वाली आय उनकी कुल संपत्ति को 5 से 10 करोड़ रुपये के बीच ले जाती है। उन्होंने स्वयं अपनी इस यात्रा को 90 रुपये प्रति माह के किराए के कमरे से शुरू हुआ संघर्ष बताया है।
केजरीवाल तो फर्जी बदनाम थे.
— Priya singh (@priyarajputlive) May 12, 2026
असल शीशमहल तो कुमार विश्वास ने बनवाया है.
घर के अंदर सैलून है, जिम है, थियेटर है. लिफ्ट है.
कुमार विश्वास बता रहे है- यह हमारा सैलून है, उधर एक स्टीम रूम है
एंकर पूछ रही कि घर में शॉपिंग मॉल भी है ? pic.twitter.com/xjXBVFKjDk
यह मामला केवल एक निजी संपत्ति का प्रदर्शन नहीं रह गया है, बल्कि इसने सार्वजनिक जीवन में सादगी और व्यक्तिगत सफलता के बीच की बारीक रेखा पर एक नई बहस छेड़ दी है। क्या एक कलाकार की निजी सफलता को उसके पुराने राजनीतिक बयानों के तराजू पर तौला जाना चाहिए, या फिर सार्वजनिक और निजी धन के बीच का अंतर ही नैतिकता का असली पैमाना है? कुमार विश्वास के इस 'होम टूर' ने भारतीय राजनीति और समाज में नैतिकता के दोहरे मापदंडों पर एक ऐसी चर्चा शुरू कर दी है, जिसका असर आने वाले लंबे समय तक महसूस किया जाएगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
