Delhi Police Special Cell : देश की राजधानी को दहलाने और सीमाओं के पार से आतंक का जाल बुनने वाली एक बेहद खतरनाक साजिश का दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पर्दाफाश किया है। मेट्रो स्टेशनों पर भारत विरोधी पोस्टर चिपकाने के पीछे जिस 'अदृश्य हाथ' की तलाश सुरक्षा एजेंसियां महीनों से कर रही थीं, वह आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है। लश्कर-ए-तैयबा के खूंखार आतंकी शब्बीर अहमद लोन की गिरफ्तारी ने न केवल आईएसआई (ISI) के नापाक मंसूबों को बेनकाब किया है, बल्कि भारत में सक्रिय एक नए आतंकी मॉड्यूल की कमर भी तोड़ दी है।

जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि शब्बीर अहमद लोन महज एक प्यादा नहीं, बल्कि इस पूरे मॉड्यूल का मुख्य संचालक यानी 'हैंडलर' था। वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के सीधे निर्देश पर काम कर रहा था और उसका लक्ष्य भारत के भीतर लश्कर-ए-तैयबा के एक नए और घातक 'स्लीपर सेल' को खड़ा करना था। सुरक्षा एजेंसियों को मिली गुप्त सूचना के आधार पर दिल्ली बॉर्डर से उसे उस वक्त दबोचा गया, जब वह अपनी अगली बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में था। अधिकारियों के मुताबिक, शब्बीर बांग्लादेश की धरती का इस्तेमाल कर भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को संचालित कर रहा था।

इस पूरे मामले की जड़ें 8 फरवरी को जनपथ मेट्रो स्टेशन पर मिले उन विवादित पोस्टरों से जुड़ी हैं, जिन्होंने सुरक्षा महकमे में हड़कंप मचा दिया था। दिल्ली से लेकर कोलकाता तक, इस आतंकी मॉड्यूल ने सुनियोजित तरीके से भारत विरोधी पोस्टर चिपकाए थे। इन पोस्टरों में न केवल आतंकी बुरहान वानी का महिमामंडन किया गया था, बल्कि पाकिस्तान के समर्थन में नारे भी लिखे गए थे। दिल्ली पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे 'स्पेशल सेल' को सौंप दिया था। शुरुआती कार्रवाई में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से अधिकांश बांग्लादेशी नागरिक थे। ये आरोपी जाली पहचान पत्रों के सहारे अवैध रूप से भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे और शब्बीर अहमद लोन के सीधे संपर्क में थे।

शब्बीर अहमद से चल रही पूछताछ में सुरक्षा एजेंसियों को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आतंकी से नेटवर्क के अन्य सदस्यों और भविष्य में होने वाले संभावित हमलों के ब्लूप्रिंट के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस नेटवर्क को फंड कहाँ से मिल रहा था और भारत में इनके अन्य ठिकाने कहाँ-कहाँ हैं।

राजधानी में इस स्तर की आतंकी सक्रियता और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का इस्तेमाल सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। शब्बीर अहमद लोन की गिरफ्तारी सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है, क्योंकि इसके साथ ही आईएसआई का वह 'प्रॉक्सी वॉर' प्लान भी फेल हो गया है, जिसका मकसद भारत की आंतरिक शांति को भंग करना था। यह घटना स्पष्ट करती है कि सीमा पार बैठे आका अब डिजिटल और फिजिकल दोनों मोर्चों पर नए चेहरों के जरिए जहर घोलने की कोशिश कर रहे हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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